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प्रयागराज : सुलझने की बजाय और उलझी कंपनी बाग में महिला की हत्या की गुत्थी, उठाए गए संदिग्धों से नहीं मिला क्लू

Wed, 17 May 2023 04:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कंपनी बाग में मालवीय नगर निवासी इरम सिद्दीकी (32) की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाय और उलझ गई है। पुलिस ने जिन दो संदिग्धों को शक के आधार पर उठाया था, उनकी संलिप्तता फिलहाल सामने नहीं आई है।
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प्रयागराज में दिनदहाड़े महिला की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कंपनी बाग में मालवीय नगर निवासी इरम सिद्दीकी (32) की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाय और उलझ गई है। पुलिस ने जिन दो संदिग्धों को शक के आधार पर उठाया था, उनकी संलिप्तता फिलहाल सामने नहीं आई है। हत्या की वजह व हत्यारे के बाबत भी कोई क्लू नहीं मिल सका है।

जांच पड़ताल में पुलिस को दो युवकों के बारे में पता चला था। इनमें से एक मजार पर कई साल से साफ-सफाई का काम करता था जबकि दूसरा सेवादारी में लगा रहता था। इनमें से एक को पैसे मिलते थे जबकि दूसरा बिना पैसों के काम करता था। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को उठाया।

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रात भर पूछताछ भी की। घंटों जांच पड़ताल के बाद भी वारदात में उनका हाथ होने की बात सामने नहीं आई। पुलिस ने यह भी टटोलने की कोशिश की कि कहीं इसमें उनके जानने या मजार पर आने वाले किसी अन्य का तो हाथ नहीं? लेकिन इसमें भी कोई कामयाबी नहीं मिली। चार दिन पहले हुई हत्या में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।

10 से 11 के बीच मजार पर गए पांच लोगों से पूछताछ

उधर सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस को पांच ऐसे लोगों का पता चला जो घटना वाले दिन सुबह 10 से 11 बजे के बीच मजार पर गए थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की है और उनका बयान भी दर्ज किया है।

लूटपाट या छेड़छाड़ के विरोध पर हुई हत्या?

हत्या में अब तक जो बातें सामने आई हैं, उसके मुताबिक दो ही वजहें मुख्य मानी जा रही हैं। दाहिने कान में चोट के निशान से आशंका है कि लूटपाट के विरोध पर हत्या की गई। हालांकि अब तक घरवालों ने किसी गहने के गुम होने की बात नहीं बताई है। पति शहान असद से बात की गई तो उसने बताया कि वह शहर में नहीं था, ऐसे में इरम ने गहने पहने थे या नहीं उन्हें नहीं पता। उधर दूसरी आशंका छेड़छाड़ के विरोध पर हत्या की है।

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कहां था पुलिस का एंटी रोमियो स्क्वॉयड?

इस घटना के बाद पुलिस के एंटी रोमियो स्क्वॉयड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस स्क्वॉयड का गठन ही इसलिए किया गया है कि छात्राओं व महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके। स्कूलों के अलावा पार्कों व महिला सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर पहुंचकर संदिग्धों पर नजर रखने की जिम्मेदारी इसी स्क्वॉयड पर है। कहा यह भी जा रहा है कि अगर नियमित रूप से व सही ढंग से स्क्वॉयड काम कर रहा होता तो संदिग्धों पर लगाम लगाई जा सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन इतनी बड़ी वारदात हो गई।

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