मसलन घटना के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान से यह साफ हो गया है कि शूटर वारदात से कितनी देर पहले वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनकी गतिविधियां क्या थीं, हत्या से ठीक पहले वह क्या करते रहे, इसका भी ब्योरा एसआईटी के पास उपलब्ध हो गया है। ऐसे में तमाम ऐसे क्लू मिले हैं जिनके संंबंध में गहराई से पड़ताल की जाए तो हत्याकांड से जुड़े बड़े राज का पर्दाफाश हो सकता है। यही वजह है कि एसआईटी अब दोबारा शूटरों से पूछताछ की तैयारी में है। हालांकि इसके लिए उसे कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी जल्द ही इसके लिए अर्जी भी दे सकती है।
बयानों का फुटेज से कराया जा रहा मिलान
उधर एसआईटी इस मामले में सीबीआई की तर्ज पर विवेचना कर रही है। घटना के जो भी चश्मदीद हैं, उनके बयान में बताई गई एक-एक बातों का मिलान भी वीडियो फुटेज से कराया जा रहा है। अगर बयान और फुटेज में कोई विरोधाभास है तो उसे लेकर भी संबंधित से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि बेहद हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते एसआईटी इस प्रकरण में फूंक-फूंककर कदम रख रही है।