चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) के रखरखाव व वहां सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों की अवहेलना को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर कोर्ट ने अधिकारियों से जानकारी मांगी है। पूछा है कि अदालत द्वारा विभिन्न तिथियों को पारित आदेशों का अनुपालन करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने या जिलाधिकारी प्रयागराज को स्वयं उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कैप्टन अजय कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन सुनवाई कर रहे हैं।
याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सीबी यादव का कहना था कि हाईकोर्ट ने मधु सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य की जनहित याचिका में आजाद पार्क के रखरखाव, सुविधाओं को बढ़ाने, अतिक्रमण हटाने और वाहन का प्रवेश बंद करने को लेकर कई आदेश दिए थे। मौजूदा समय में अदालत के इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारी जानबूझकर आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। पार्क में चारपहिया वाहनों का प्रवेश हो रहा है, जो पर्यावरण के लिए खतरनाक है। जागिंग ट्रैक की मरम्मत का काम नहीं हुआ। टॉयलेट रखरखाव नहीं होने के कारण गंदे हो गए हैं।
सरकारी वकील ने कोर्ट को आदेशों के पालन की स्थिति से अवगत कराने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने या जिलाधिकारी प्रयागराज को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने दिए थे यह निर्देश
वर्ष 2014 में मधु सिंह द्वारा दाखिल जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने कंपनी बाग में मॉर्निंग वाक के लिए आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध करने, पार्क में लाइट की व्यवस्था करने, पार्क के बाहर अतिक्रमण हटाने, टूटी हुई बाउंड़्ीवॉल व रेलिंग बनवाने, कूड़ेदान की व्यवस्था करने, साफ पीने के पानी आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने पार्क परिसर में स्थित विभिन्न संस्थाओं के दफ्तरों में आने-जाने वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। प्रशासन को पार्क के बाहर पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।