गन हाउस से हो रही थी कारतूस की कालाबाजारी, मालिक गिरफ्तार
एक कर्मचारी भी पकड़ा गया, मौके से 112 कारतूस बरामद
पुलिस प्रशासन के आला अफसर पहुंचे, सीज किए रिकॉर्ड
पिस्टल संग पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ के बाद खुली पोल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अवैध पिस्टल संग पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ के दौरान शुक्रवार को कारतूस की कालाबाजारी के खेल का भंडाफोड़ हुआ। जिसके बाद शाहगंज स्थित गन हाउस के रिकॉर्ड सीज करते हुए उसके मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 112 कारतूस भी बरामद किए गए जो यह किसी को देने वाले थे।
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा, एसआई श्रवण निगम, राजीव तिवारी समेत अन्य ने एक दिन पहले पिस्टल के साथ दो युवकों को पकड़ा। दोनों ने अपना नाम झलवा निवासी भावेश द्विवेदी व चक्रपाणि त्रिपाठी बताया। इनके पास से काफी मात्रा में कारतूस भी मिले। हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो पता चला कि इन्हें कारतूस अतरसुइया के बैदन टोला निवासी वासिफ मुहैया कराता था। दोनों ने यह भी बताया कि शुक्रवार को भी वह उन्हें कुछ कारतूस देने आने वाला है। जिसके बाद पुलिस टीम ने शाहगंज में ही घेराबंदी की। कुछ देर बाद वासिफ वहां एक अन्य व्यक्ति के साथ पहुंचा जिसके बाद घेराबंदी में लगी टीम ने दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से कुल 112 कारतूस मिले। जिनमें .32 के 102 व 315 बोर के 10 कारतूस शामिल थे। इतनी बड़ी मात्रा मेें कारतूस देख पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में पता चला कि मौके से पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति चकिया निवासी अनिल कुमार साहू है जो गन हाउस का मालिक है। उसकी दुकान शाहगंज में ओंकार गन हाउस के नाम से है। उधर वासिफ ने बताया कि वह वर्तमान में नुरुल्लाह रोड स्थित गन हाउस में काम करता है और वह लंबे समय से अनिल के भी संपर्क में था।
दुकान पर पहुंचे अफसर, स्टॉक का किया मिलान
वासिफ व मालिक अनिल से पूछताछ के बाद पुलिस को यह समझने में देर नहीं लगी कि मामला कारतूस की कालाबाजारी का है। उधर प्रकरण की जानकारी के बाद एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसीएम तृतीय दिनेश कुमार सिंह शाहगंज स्थित गन हाउस पर पहुंच गए। इस दौरान स्टॉक का मिलान करने पर वहां कारतूस कम पाए गए। जिसके बाद स्टॉक रजिस्टर व अन्य कागजात सीज कर दिए गए। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि गन हाउस से नियमविरुद्ध तरीके से कारतूस बेचे जा रहे थे। जिसके बाद रिकॉर्ड सीज कर दिए गए हैं।
गैंगस्टर समेत कई मामले हैं दर्ज
उधर पिस्टल संग पकड़े गए भावेश के बारे में पता चला कि गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ ही कई मामलों में उसका नाम आ चुका है। जबकि चक्रपाणि ने बताया कि वह ट्रिपलआईटी चौराहे पर रेस्टोरेंट चलाता है। दोनों के पास से एक-एक पिस्टल बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, पिस्टल के बाबत दोनों ने बताया कि उन्हें यह दारागंज निवासी झब्बू पाल उपलब्ध कराता था। लेकिन वह यह नहीं बता सके कि झब्बू पिस्टल कहां से लाता था। पुलिस ने बताया कि उसके बारे में पता लगाया जा रहा है।