बारिश से गंगा व सहायक नदियों में जलवृद्धि शुरू हो गई है। मंगलवार को दो सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा। हालांकि अभी खतरे के निशान से करीब 10 मीटर दूर है, लेकिन कहा जा रहा है कि इसी तरह प्रवाह बढ़ता रहा तो इस बार समय से पहले बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम की ओर से मंगलवार की शाम छह बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.89 मीटर रिकार्ड किया। इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर 73.71 मीटर, जबकि नैनी में यमुना का ज स्तर 74.22मीटर दर्ज किया गया। जल स्तर में वृद्धि की वजह से संगम नोज के अलावा रामघाट, दशाश्वमेध घाट, काली घाट, महावीर घाट पर दिन भर अफरा तफरी मची रही। लोग घोड़ा गाड़ी और ट्रालियों से चौकियां और छप्पर हटाते रहे।
तीर्थपुरोहित विजय शुक्ल ने दो दर्जन से अधिक छप्पर काली मार्ग पर भिजवाया। इसी तरह अन्य पुरोहितों की चौकियां भी हटाई जाती रहीं। पूजा-प्रसाद की सैकड़ों दुकानें समेट ली गईं। पूजा-प्रसाद की दुकानें अक्षयवट मार्ग और महावीर मार्ग पर लगाई जाने लगी हैं। तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी, सोहनलाल जोशी ने बताया कि बारिश से दिक्कतें बढ़ी हैं। अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही बेनी बांध पर चौकियां लगने लगेंगी।