prayagraj news : गंगा का जलस्तर बढ़ने से लबालब हुआ फाफामऊ घाट।
- फोटो : prayagraj
जलस्तर में वृद्धि से गंगा-यमुना रविवार को पाटों की ओर बढ़ने लगी। इससे गंगा के कछार में बाढ़ के पानी ने दस्तक दे दी। असमय कछार में पानी आने से लोगों की नींद उड़ गई हैै। इस दिन भी हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बैराज से 1.65 लाख, 236 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। सबसे अधिक दिक्कत संगम पर पैदा हुई है। बारिश से जहां फिसलन की वजह से श्रद्धालु दिन भर गिरते रहे, वहीं संगम से तख्त समेटने का भी सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। फिलहाल गंगा तीन सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। फिलहाल फाफामऊ में गंगा खतरे के निशान 84.734 मीटर से सिर्फ5.364मीटर नीचे बह रही है।
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बारिश के साथ ही बांधों का पानी आने से गंगा-यमुना के जलस्तर में रविवार को और तेज वृद्धि होने लगी। इससे कई घाटों पर पानी चढ़ने लगा। छतनाग घाट पर गंगा तीन सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रही है, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर दो सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे बेली कछार के अलावा, सलोरी, चांदपुर, रसूलाबाद, बख्शी समेत कई घाटों की ओर पानी बढ़ने से परेशानी में इजाफा होने लगा है। सबसे अधिक परेशानी संगम पर तीर्थपुरोहितों और पूजा-प्रसाद, फूलमाला बेचने वालों की बढ़ी है।
संगम पर जैसे-जैसे पानी बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे लोग पीछे खिसक रहे हैं। चौकियां और दुकानें ऊपर ही ओर लगाई जा रही हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.37 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह छतनाग में जलस्तर बढ़कर 73.02 मीटर पर पहुंच गया। इसी तरह नैनी में यमुना का जल स्तर 73.44 मीटर पर पहुंच गया है। उधर, इस दिन हरिद्वार से 34,914 क्यूसेक, नरोरा से 34,948 क्यूसेक और कानपुर से 95374 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।