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Prayagraj Flood : 24 घंटे में 63 सेंटीमीटर बढ़ी गंगा, यमुना की रफ्तार थमी; अगले दो दिन और बढ़ेगा जलस्तर

Sat, 18 Jul 2026 02:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

 गंगा और यमुना के जलस्तर में शुक्रवार को भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि शाम होते-होते यमुना का जलस्तर स्थिर हो गया और गंगा की बढ़ोतरी की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार गंगा ने 24 घंटे में 63 सेंटीमीटर की छलांग लगाई, जबकि यमुना में 33 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन अगले 48 घंटे तक जलस्तर में क्रमिक बढ़ोतरी जारी रहने का अनुमान है। 
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प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में शुक्रवार को भी बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा, हालांकि शाम होते-होते यमुना स्थिर हो गई और गंगा की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सुबह आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.69 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 63 सेंटीमीटर बढ़ा। 1500 बाइट में खबर बनाएं। पुराना और आगामी अनुमान को जोड़कर वहीं, नैनी में यमुना 73.81 मीटर पर पहुंची और 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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शाम चार बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर बढ़कर 77.82 मीटर हो गया, जबकि नैनी में यमुना 73.83 मीटर पर स्थिर रही। रात आठ बजे गंगा 77.84 मीटर पर पहुंची और चार घंटे में दो सेंटीमीटर की मामूली बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर यमुना एक सेंटीमीटर घटकर 73.82 मीटर दर्ज की गई। हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन 84.734 मीटर के खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.69 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 63 सेंटीमीटर अधिक रहा। वहीं नैनी में यमुना 73.81 मीटर पर पहुंची और 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शाम चार बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 77.82 मीटर हो गया, जबकि यमुना 73.83 मीटर पर स्थिर रही। रात आठ बजे गंगा 77.84 मीटर पर पहुंची और चार घंटे में केवल दो सेंटीमीटर बढ़ी।

दूसरी ओर यमुना एक सेंटीमीटर घटकर 73.82 मीटर दर्ज की गई, जिससे संकेत मिला कि उसकी बढ़ोतरी फिलहाल थम गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का असर प्रयागराज में अगले दो दिनों तक देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल जलस्तर बढ़ने की गति पहले की तुलना में धीमी हो गई है। यदि भारी बारिश का नया दौर नहीं आया तो वृद्धि क्रमिक रहने की संभावना है।

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गंगा और यमुना दोनों का जलस्तर अभी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने, तटीय क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और एसडीआरएफ व अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखा है। संगम क्षेत्र और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी प्रशासन लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।

खतरे के निशान से अभी काफी नीचे

गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।

अगले 48 घंटे अहम

मौसम और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक को देखते हुए अगले दो दिन जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, हालांकि वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है।

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