उन्होंने मामले की जानकारी जिला कृषि अधिकारी, खाद्य निरीक्षण व औद्योगिक पुलिस को दी। चार घंटे तक चली कार्रवाई में फैक्ट्री से 450 बोरी नकली डीएपी खाद, 440 खाली बोरी, केमिकल, सिलाई मशीन व अन्य उपकरण जब्त किए गए।
औद्योगिक क्षेत्र के पतेवरा गांव में बृहस्पतिवार को एसडीएम करछना अमृता सिंह ने नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि केमिकल व पाउडर मिलाकर नकली डीएपी खाद बनाई जा रही है।
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उन्होंने मामले की जानकारी जिला कृषि अधिकारी, खाद्य निरीक्षण व औद्योगिक पुलिस को दी। चार घंटे तक चली कार्रवाई में फैक्ट्री से 450 बोरी नकली डीएपी खाद, 440 खाली बोरी, केमिकल, सिलाई मशीन व अन्य उपकरण जब्त किए गए। छानबीन में पता चला कि फैक्ट्री पिछले दो साल से चल रही थी। साथ ही यहां नकली जैविक खाद भी बनाई जाती थी।
एसडीएम अमृता सिंह पतेवरा गांव में मतदान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें फैक्ट्री के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जब छापा मारा तो वहां बड़ी गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने तत्काल जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य को इसकी जानकारी दी। जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या का कहना है कि एसडीएम करछना की सूचना पर वह मौके पर गए थे। वहां से 450 बोरी भरी हुई नकली डीएपी खाद बरामद की गई।
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बताया कि सफेद पाउडर व कुछ केमिकल्स मिलाकर खाद बनाई जाती थी। जिसे बायो डीएपी के नाम से बेच दिया जाता था। फैक्ट्री का कोई लाइसेंस नहीं मिला है। दाना बनाने वाली और बोरी की सिलाई करने वाली मशीनें भी बरामद की गई हैं। इधर, एसडीएम ने बताया कि फैक्ट्री किसी दिवाकर सिंह के नाम है। दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मौके पर अपर जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र नाथ पांडेय, बीपीओ इंद्रजीत यादव, हलका लेखपाल व औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस भी मौजूद रही।
खादी की बोरी पर पूर्णिया, बिहार का पता
जब्त की गई नकली डीएपी खाद की बोरी पर पूर्णिया, बिहार का पता अंकित है। फैक्ट्री की छानबीन के दौरान पता चला कि एक बोरी 1150 रुपये में बेची जाती थी। इसकी आपूर्ति प्रयागराज के आसपास के जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी की जाती थी। जांच में सामने आया कि नकली जैविक खाद को दस लीटर की बाल्टी में पैक कर बेचा जाता था।