खाद्य प्रसरण विभाग की ओर से टूरिस्ट बंग्ले में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथिगण। अमर उजाला
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आय बढ़ाने के लिए किसानों को औद्यानिक फसलों की खेती के प्रति प्रेरित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत फल, फूल, सब्जी की खेती के साथ इनकी प्रोसेसिंग के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की ओर से बृहस्पतिवार को एकीकृत बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वैज्ञानिकों ने औद्यानिक फसलों की खेती की आधुनिक तकनीकी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सीएमपी डिग्री कॉलेज की डॉ.हेमलता पंत ने मशरूम की खेती के बारे में बताया। मुख्य उद्यान विशेषज्ञ डॉ.केएम चौधरी ने सब्जियों को सरंक्षित करने, अनिरूद्ध सिंह ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सीआईएचएस के निदेशक डॉ.शैलेंद्र राजन, डॉ.बी.बी. द्विवेदी ने भी संबोधित किया। इससे पहले डीएम संजय कुमार खत्री ने औद्यानिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला। उप निदेशक उद्यान पंकज शुक्ला ने विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी प्रतिभा पांडेय, मुन्ना पटेल शामिल रहे।