मीटरों में उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रानिक डिवाइस लगाकर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का पता चला है। इसमें मीटर से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों के संलिप्त होने की आशंका है। पता चला है कि रीडिंग कम करने वाले गिरोह की मिली भगत से विभागीय मीटर चोरों के हाथ लग जा रहे हैं। उन मीटरों में ही डिवाइस लगाकर बिजली चोरी की जा रही है। इस मामले की जांच की जा रही है। इसमें कई अधिकारियों, कर्मचारियों का भी गला फंस सकता है।
कटियामारी से पस्त बिजली विभाग के सामने अब मीटरों से चोरी का नया खेल सामने आने के बाद अफसर सकते में हैं। हाल में ही बिजली विभाग के प्रवर्तन दल की कार्रवाई में 347 मीटर और उच्च क्षमता की मशीनें पकड़ी जा चुकी हैैं। इसके अलावा भी रामबाग डिवीजन, करेलाबाग और नैनी के कई मीटरों में डिवाइस के जरिए बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी है।
पता चला है कि विभाग के ही कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से मीटरों को गिरोह के हाथ पहुंचाने का खेल चल रहा है। इस गिरोह के लोग डिवीजनवार ऐसे मीटरों के जरिए बिजली चोरी करा रहे हैं। जांच में पता चला है कि मीटरों में उच्च क्षमता वाले डिवाइस का इस्तेमाल मीटर डिस्प्ले को उड़ाने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद मीटर को टैंपर कर उसकी सर्किट प्लेट बदल दी जा रही है।
ऐसे में अगर किसी की रीडिंग एक लाख यूनिट है तो उसे डिवाइस वाले इस मीटर के जरिए एक झटके में ही एक हजार यूनिट कर दिया जा रहा है। इसी कम रीडिंग के आधार पर ही बिलों का भुगतान भी करा दिया जा रहा है। मीटरों में इस खेल के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है। ये मीटर बिजली विभाग से ही चोरी कर बाहर लाए जा रहे हैं और फिर उनमें डिवाइस लगाकर दलालों के माध्यम से लोगों के घरों में लगा दिए जा रहे हैं।
मीटर रीडर भी निशाने पर
प्रयागराज। बिजली विभाग से मीटरों की चोरी कैसे और किन कर्मियों की मिली भगत से हो रही है, इसकी जांच की जा रही है। इसमें मीटर रीडर भी निशाने पर हैं। कहा जा रहा है कि
कुछ मीटर रीडरों के अलावा विभागीय कर्मचारियों पर इस मामले में शिकंजा कस सकता है।
अधिकारी बोले, मिल रही हैं शिकायतें
टेंपरिंग कर मीटरों को स्लो करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मामलों को विभाग ने गंभीरता से लिया है। मीटरों से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने के मामले पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता।