लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। विभाग के विभिन्न खंडों में तीन दर्जन से अधिक वर्क एजेंटों को कागजों में हेराफेरी कर स्थायी नियुक्ति दे दी गई और उनकी पदोन्नति भी कर दी गई है। मामले में कई कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत हुई तो अधीक्षण अभियंता ने जांच शुरू करा दी। उन्होंने विभाग के सभी खंडों को निर्देश जारी कर सभी वर्क एजेंटों का विवरण मांगा है। अधीक्षण अभियंता की इस कार्यवाही से विभाग में हड़कंप मचा है।
विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रांतीय खंड और निर्माण खंड चार में तीन दर्जन से अधिक वर्क एजेंट तैनात हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति निर्धारित मानदंडों के आधार पर नहीं हुई है। ऐसे वर्क एजेंट बाबुओं से मिलीभगत कर न केवल स्थायी रूप से नियुक्ति प्राप्त कर ली बल्कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का अंकपत्र लगाकर पदोन्नति का लाभ उठा लिया।
इस मामले में आधा दर्जन लोगों ने विभाग में शिकायतें की हैं। उन्होंने वर्क एजेंटों की नियुक्ति को अवैध और पदोन्नति को गलत बताकर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू करा दी।
अधीक्षण अभियंता ने विभाग के सभी खंडों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वर्क एजेंट के पद पर नियुक्त एवं पदोन्नत हुए सभी कर्मचारियों के नियुक्ति एवं पदोन्नति से संबंधित सभी शैक्षिक अभिलेखों की छायाप्रति एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं। अधीक्षण अभियंता एके द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने शिकायतों के आधार पर वर्क एजेंटों की सभी पत्रावलियों की जांच के निर्देश दिए हैं, जो भी गड़बड़ी सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।