धूमनगंज के टीपी नगर में मारपीट के बाद मृत हुए राजेंद्र कुशवाहा(50) का शव रखकर परिजनों ने करबला तिराहे पर जाम लगा दिया। मुआवजे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंचकर एडीएम सिटी ने उनकी मांगें शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तब जाकर वह माने। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। उधर हिरासत में लिए नामजद आरोपी से पूछताछ जारी है।
बेनीगंज निवासी राजेंद्र की एक दिन पहले टीपी नगर चौकी के पास हुई मारपीट के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने चाय विक्रेता शिवबाबू समेत छह लोगों को नामजद कराया था। जिसमें से मुख्य आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम चार बजे के करीब मृतक का शव उसके घर ले जाया गया तो परिजन एक बार फिर आक्रोशित हो उठे। वह शव लेकर करबला तिराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया।
उनकी मांग थी कि शासन उन्हें 50 लाख मुआवजा दे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। पुलिस अफसरों ने समझाया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। जानकारी पर एडीएम सिटी मदन कुमार भी पहुुंच गए और मांगों के संबंध में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया तो परिजन शांत हुए। तब जाकर करीब एक घंटे बाद जाम खत्म हुआ और फिर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।
शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक आया है। हालांकि शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। इंस्पेक्टर अनूप सिंह का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।