फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj Corona Update: कोरोना से एक की मौत, सीओ तृतीय सहित 77 नए संक्रमित

Sun, 08 Nov 2020 01:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोरोना से शनिवार को जसरा के एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि सीओ तृतीय सहित 77 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। 104 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। इसमें 16 लोगाें को अलग-अलग अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। 88 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा हुआ है। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि की है। 

विज्ञापन

prayagraj news : Corona News prayagraj - फोटो : prayagraj
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई ने बताया कि बुधवार को 77 नए मामले सामने आने से जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24502 हो गई है। जबकि, 23332 लोग अब तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। शनिवार को एसआरएन में जसरा के एक व्यक्ति की मौत हुई है। वह चार नवंबर को भर्ती हुआ था। जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 318 हो गई है। जबकि, एक्टिव केसों की संख्या घटकर 852 रह गई है। इसमें 131 लोग एसआरएन, बेली और निजी अस्पताल में भर्ती हैं। 721 लोग होम आइसोलेशन में हैं। 

prayagraj news : Corona News prayagraj - फोटो : prayagraj
शनिवार को संक्रमित होने वालों में सीओ तृतीय, एजी ऑफिस के एएओ, रेलवे के लोकोपॉयलट, पुलिस लाइंस का सिपाही, सीएचसी प्रतापपुर का मेडिकल अफसर, कौंधियारा प्राथमिक स्कूल का शिक्षक, महिला सेवा सदन कॉलेज का शिक्षक, ईश्वरदीन इंटर कॉलेज के शिक्षक शामिल हैं। डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि शनिवार को कुल 5951 लोगों की जांच हुई। 3657 की एंटीजन, 2067 आरटीपीसीआर, निजी लैब से 90 और ट्रूनॉट से 137 लोगों की जांच हुई। संक्रमित होने वालों में 63 लोग शहर के और 12 लोग ग्रामीण क्षेत्र के हैं। 
विज्ञापन

Zycov-D Corona Vaccine - फोटो : Twitter@RT

कोरोना से मौत के मामले में निजी अस्पताल प्रबंधक से मांगा स्पष्टीकरण

स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को एक निजी नर्सिंग होम संचालक को कोरोना से एक व्यक्ति की मौत के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण में निजी अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया गया है कि जसरा के अजय सिंह सांस लेने में तकलीफ होने के कारण भर्ती थे। अस्पताल की ओर से भर्ती रहने के दौरान जांच नहीं कराई गई। ओपीडी के पर्चे पर कोविड की दवा लिखकर घर भेज दिया।

हालांकि, अस्पताल के संचालक का कहना है कि मरीज भर्ती नहीं हुआ था। पहली बार खून की उल्टी होने पर वह 18 अक्तूबर को आया था। दवा लिखकर उसे घर भेज दिया था। इसके बाद वह 27 को जसरा स्थित क्लीनिक पर आया था। उस समय उसे कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। उसके पर्चे पर दवा लिख दिया गया था। इसके बाद वह चार नवंबर को शहर स्थित अस्पताल आया था। यहां उसने बुखार की शिकायत की तो उसे तुरंत कोरोना की जांच कराने की सलाह दी गई और उसके पर्चे पर भी लिखा गया। साथ ही उसे एंबुलेंस बुलाकर एसआरएन भेजा गया। लगाए गए आरोप गलत और निराधार है। इसके साथ सच्चाई से परे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें