इसके अलावा दो अन्य मरीज करेली के जीबी नगर व सिविल लाइंस में मिले। करेली के बुजुर्ग का भाई दिल्ली से 17 जून को लौटा था और वह कोरोना पॉजिटिव है। दूसरा संक्रमित पाया गया व्यक्ति सिविल लाइंस के दयानंद मार्ग का रहने वाला है। वह प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने गया था, लेकिन इलाज से पूर्व उसकी कोविड जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव आ गया।
युवक को कोटवा-बनी एल-1 भेजा गया है, जबकि करेली के बुजुर्ग को एल-3 हॉस्पिटल भेजा गया है। संक्रमण का केस मिलने से दयानंद मार्ग नया हॉट स्पॉट बन गया है, जबकि जीटीबी नगर पहले से ही हॉट स्पॉट में शामिल है। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया सिविल लाइंस में कंटेनमेंट एक्टिविटी कराई जाएगी। साथ युवक के परिजनों को क्वारंटीन करा दिया गया है। उनकी जांच कराई जाएगी।
उधर, कोटवा-बनी एल-1 हॉस्पिटल से सात लोगों को छुट्टी दी गई। इसमें शिवकुटी में एसीएमओ के परिवार के पांच लोगों के साथ एक राजरूपपुर, एक लालगोपालगंज की 13 साल की बच्ची शामिल है। एसीएमओ की पत्नी की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के दौरान डॉ. वीके मिश्रा, डॉ. अमृत लाल, डॉ. उत्सव सिंह आदि मौजूद रहे।
इसी क्रम में रिपोर्ट निगेटिव आने पर एसआरएन से पांच लोगों को छुट्टी दी गई। इसमें दांदीपुर, बहादुरगंज, हंडिया, रानीमंडी, मुट्टीगंज का एक-एक मरीज शामिल है। अस्पताल के कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में स्क्रीनिंग कराने वालों में पांच संदिग्धों को भर्ती किया गया है।
इसमें दो प्रतापगढ़ के और तीन प्रयागराज के शामिल हैं। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई ने बताया कि रविवार को 318 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि 212 लोगों के नमूने जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं।