कोरोना के कहर में लगातार दूसरे दिन भी कमी आई। शुक्रवार को 188 के मुकाबले शनिवार को संक्रमितों की संख्या 141 ही रही। हालांकि, दो महिलाओं की मौत भी हो गई। इससे मरने वालों का आंकड़ा 61 पहुंच गया है, जबकि कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 2569 हो गई है। इसमें 609 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, वहीं 1185 की छुट्टी भी की जा चुकी है।
शनिवार की रात आठ बजे तक एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 1330 हो गई। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई ने इसकी पुष्टि की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रिपोर्ट निगेटिव आने पर शनिवार को 49 लोगों को छुट्टी दे दी गई। इनमें बेली से तीन, कोटवां-बनी से दो, कालिंदीपुरम से 29, रेलवे कोविड केयर सेंटर से चार, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय से 11 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। रेलवे कोविड केयर सेंटर में 21, कालिंदीपुरम में 77, यूनानी मेडिकल कॉलेज में 37, बेली में 72 और स्वरूपरानी में प्रयागराज के 91 मरीज भर्ती हैं।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के कोविड-19 इंचार्ज डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि चिकित्सालय में प्रयागराज के अलावा दूसरे जिलों के 21 मरीज भर्ती हैं। शनिवार को संदिग्ध हालत में 15 लोगों को भर्ती किया गया है। सभी की जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इसके अलावा शनिवार को 2080 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि 1547 लोगों के स्वाब सैंपल लिए गए हैं।
कोरोना से मरने वाली दोनों महिलाओं में एक सोरांव की है, जबकि दूसरी शहर के कीडगंज इलाके की है। कीडगंज की महिला की उम्र 60 साल की थी। वह 30 जुलाई को एसआरएन में भर्ती हुई थी। डॉक्टरों के मुताबिक उसे सांस लेने के साथ बीपी की समस्या थी। जबकि, सोरांव की 47 साल की महिला को शुगर की समस्या थी। कोविड-19 के नोडल इंचार्ज डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि शवों को प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया गया। दोनों का फाफामऊ स्थित घाट में अंतिम संस्कार करा दिया गया।
शहर के निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों को कोरोना की जांच के लिए मरीजों को अब फ्लू क्लीनिक भेजना होगा। ये फ्लू क्लीनिक शहर के 11 स्थानों पर संचालित कर दी गईं हैं। प्राईवेट चिकित्सक अपने नजदीकी के फ्लू क्लीनिकों पर मरीजों को कोविड की जांच के लिए भेजेगा। यहां मरीजों की कोविड की जांच मुफ्त में होगी। इसके लिए उनसे कोई चार्ज वसूल नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए निजी अस्पतालों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। निजी पैथालॉजी में जांच की सलाह निजी चिकित्सक मरीजों को नहीं देंगे।