स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के ब्लड बैंक में शनिवार को प्लाज्मा थेरेपी के परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसका उद्घाटन किया और उन्होंने प्लाज्मा डोनेट करने वाले सर्जरी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. विवेक कुंवर और डॉ. रोहित को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, साथ ही सभी चिकित्सकों का उत्साह बढ़ाया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि महामारी के दौर में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के साथ प्रदेश के सभी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। बिना उनके यह जंग नहीं जीती जा सकती है। पैथालॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. वत्सला मिश्रा ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी के लिए आईसीएमआर ने केवल चिकित्सकीय परीक्षण की मान्यता दी है।
इसके अलावा उपचार के विकल्प के तौर पर स्वीकृत नहीं किया है। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके कई लोगों ने प्लाज्मा देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। प्लाज्मा के लिए फेरेसिस मशीन के क्रय की प्रक्रिया चल रही है। दो-तीन हफ्ते में फेरेसिस मशीन मेडिकल कॉलेज में आ जाएगी। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, उपप्रधानाचार्य डॉ. वीके पांडेय, डॉ. संतोष सहित पैथालॉजी विभाग के कई डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद रहे।
प्लाज्मा डोनेट करने वाले कर सकते हैं संपर्क
प्रो. वत्सला मिश्रा ने बताया कि जो लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं और प्लाज्मा डोनेट करना चाह रहे हैं, वे 9795158566, 9451686885 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
एएमए ब्लड बैंक में भी प्लाज्मा थेरेपी शुरू
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक में शनिवार को प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो गई है। दवा व्यापारी संजय सिंह पहले प्लाज्मा डोनर बने। वह जुलाई में कोविड संक्रमण की चपेट में आए थे और ठीक हो गए। एएमए ब्लड बैंक के चेयरमैन डॉ. अशोक अग्रवाल ने संजय सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा लेेने के लिए प्लाज्मा फेरेसिस मशीन आ गई है। यह शहर की पहली मशीन है। इससे व्यक्ति के शरीर से केवल प्लाज्मा लिया जाता है। बाकी रक्त के अवयव शरीर में फिर से उसी समय मशीन से ही चले जाते हैं। इस मौके पर एएमए अध्यक्ष डॉ. राधा रानी घोष, सचिव डॉ. राजेश मौर्या, पीआरओ डॉ. अनूप चौहान, डॉ. अनिल कुमार अग्रवाल, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. युगांतर पांडेय आदि मौजूद रहे।