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प्रयागराजः यूपी की पहली महिला जिन्होंने 85 साल की उम्र में दी कोरोना को मात

Thu, 21 May 2020 12:14 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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लूकरगंज के इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने 85 वर्ष की उम्र में कोरोना को मात दी। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में बीमारी के खिलाफ लड़ने का हौसला बढ़ा है। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इतनी उम्र में कोरोना को मात दी है।

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उन्होंने बताया कि जब उनके इंजीनियर बेटे में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई तो उन्हें कालिंदीपुरम मेें पांच दिन तक क्वारंटीन में रखा गया था। उस दौरान बहुत ही निराश हुई थीं, लेकिन उनका हौसला बढ़ाने के साथ-साथ उनको ढाढ़स भी बंधाया गया। उनको अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सभी उत्साहित हैं।

prayagraj news - फोटो : prayagraj

लूकरगंज के इंजीनियर की मां हैं, एसआरएन से भाई को भी मिली छुट्टी 

जिले में बढ़ते संक्रमण के बीच एक अच्छी खबर है। लूकरगंज निवासी इंजीनियर की जान तो कोरोना से नहीं बच सकी, लेकिन उनकी 85 वर्षीय मां स्वस्थ हो गईं। वह यूपी की पहली बुजुर्ग महिला भी बन गईं, जिन्होंने इस उम्र में संक्रमण को मात दी। ठीक हो जाने के बाद बुधवार को इंजीनियर की मां और भाई को एसआरएन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं इंजीनियर की पत्नी, सास और भाई की पत्नी की चौथी बार रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इंजीनियर की मां और उनके भाई की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इंजीनियर के भाई और मां को एंबुलेंस से घर पहुंचाया गया। छुट्टी के बाद इंजीनियर की मां ने कहा कि वह ठीक हैं और उन्हें अब दिक्कत नहीं है।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
इंजीनियर की मां और उनका भाई दोनों छह मई को एसआरएन अस्पताल में कोटवां-बनी एल-1 से रेफर होने के बाद भर्ती हुए थे। वहीं दूसरी ओर इंजीनियर की पत्नी, सास और भाई की पत्नी की रिपोर्ट चौथी बार पॉजिटिव आई है। तीनों एसआरएन में भर्ती हैं। इंजीनियर की पत्नी का शुगर बढ़ा हुआ है। चिकित्सालय प्रशासन के मुताबिक उन्हें अब ऐसा खाना दिया जाने लगा है, जिससे उनका शुगर लेवल कम हो।

कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि इंजीनियर की मां पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इतनी उम्र में कोरोना को मात दी है। जब उनके इंजीनियर बेटे में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आई तो उन्हें कालिंदीपुरम मेें पांच दिन तक क्वारंटीन रखा गया था। उस दौरान वह बहुत निराश थीं, लेकिन उनका हौसला बढ़ाने के साथ-साथ उनको ढाढ़स भी बंधाया गया। 

फतेहपुर के तीन मरीजों को भी छुट्टी 

कोटवां-बनी स्थित एल-1 हॉस्पिटल के नोडल इंचार्ज डॉ वीके मिश्रा ने बताया कि बुधवार को तीन मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। ये तीनों मरीज फतेहपुर के हैं। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनको घर जाने दिया गया।  
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