उन्होंने बताया कि कोरोना के स्पाइक ऊपर की ओर उभरे होते हैं। ये कोशिकाओं पर चिपक जाते हैं और पूरे शरीर में अपना दायरा बढ़ाते हैं। यही अगर रक्त वाहिकाओं पर चिपक जाएं तो ये उसे क्षतिग्रस्त करने के साथ हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कभी-कभी रक्ता का थक्का भी जमेगा और हार्ट अटैक से मौत भी हो सकती हैं। जिले में कोरोना से हुई दो मौतों को भी ऐसे ही देखा जा रहा है।
लूकरगंज निवासी इंजीनियर तथा बारा के लालापुर के पंडुआ गांव के युवक के शरीर में वायरस ने रक्तवाहिनियों के साथ साथ दिल पर भी अटैक किया। इससे दोनों को अंतिम समय में सांस लेने में तकलीफ हुई, सीने में भी दर्द हुआ।
जरूरत के मुताबिक चिकित्सकीय प्रबंधन न होने से मौत हो गई। एसआरएन चिकित्सालय के कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. सुजीत कुमार कहते हैं कि कई मरीजों की सीने में शिकायत की बात सामने आई है। ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया। इससे उनकी स्थिति गंभीर नहीं हुई और वे सामान्य हालत में लौट आए।