एक मीडिया चैनल का फर्जी आईकार्ड भी बरामद
उसके खिलाफ सिर्फ प्रयागराज में ही आठ मुकदमे दर्ज हैं। अखिलेश और दिनेश भी उसके साथ लंबे समय से जालसाजी के धंधे में लिप्त हैं। उनके आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाया जा रहा है। उनके पास से एक लैपटॉप, एटीएम कार्ड रीडर, कार्ड स्कीमर, एक मीडिया चैनल का फर्जी आईकार्ड, छह ब्लैंक एटीएम कार्ड और चार मोबाइल बरामद हुए हैं।
शहर में भी मिलने लगा ‘क्लोन साफ्टवेयर’
साइबर ठगों के लैपटॉप में क्लोन साफ्टवेयर मिला है। रवि पांडेय ने इसे शहर की एक दुकान से खरीदा था। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि साफ्टवेयर बेचने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। बताया कि एटीएम कार्ड को स्किमर से स्कैन करने के बाद कार्ड का डाटा लैपटॉप में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
इसके बाद कार्डरीडर को लैपटॉप से कनेक्ट करके किसी भी कार्ड को स्वैप करके क्लोन तैयार कर लिया जाता है। लैपटॉप में कार्ड का डाटा रीड करने और क्लोन बनाने वाला साफ्टवेयर पहले से इंस्टाल रहता है। क्लोन कार्ड से गिरोह के लोग कहीं से भी रुपये निकाल लेते थे।