तरौल गांव के मजरा कपूर का पूरा में गुरुवार महिला और बच्चों की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दोनों बच्चों को मिट्टी के तेल से भीगे कपड़ों में लपेटकर आग लगाई गई थी। बक्से में इसलिए डाला गया था कि दोनों भाग न सकें। जिस बात की आशंका जताई जा रही थी, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सही साबित हुई। ऊषा को तीन महीने का गर्भ था। ऊषा और दोनों मासूमों का शुक्रवार दोपहर मनैया घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मायके वालों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे।
गुरुवार को कपूरा का पूरा, तरौल में गणेश पटेल की पत्नी ऊषा देवी और दो बच्चों अमन (3) और प्रियंका (2) की जलाकर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम से पता चला कि बच्चों को बेहद दर्दनाक मौत दी गई थी। दोनों बच्चों को मारने से पहले मिट्टी के तेल से भीगे कपड़े में लपेटकर उन्हें बक्से में डाल दिया गया था ताकि वे भाग न जाएं। इसके बाद उन्हें आग लगाई गई थी। ऊषा पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाई गई थी।
गांव की महिलाओं ने पहले ही बता दिया था कि ऊषा गर्भवती थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि उसे तीन महीने का गर्भ था। साफ है कि कातिलों ने तीन नहीं, चार जानें ली हैं। मायके वालों के साथ साथ शुक्रवार को दूर दूर से रिश्तेदार और परिचित गांव पहुंचे थे। दो बच्चों को जिस तरह से मारा गया था, सभी हतप्रभ थे। दोपहर में शव जब पहुंचा तो लोगों के आंसू नहीं रुक रहे थे। मनैया घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।