तीन शिफ्ट में वहां सीआईटी, डिप्टी सीआईटी, टीटीई आदि वाहनों की रखवाली का काम कर रहे हैं। स्टैंड पर दिन रात चेकिंग स्टाफ को वाहनों की पर्ची काटनी पड़ रही है, जबकि यह काम उनका नहीं है। इसके लिए हर शिफ्ट में कम से कम दो चेकिंग स्टाफ का रहना अनिवार्य है।
अजब रेल का यह गजब खेल है। जिन्हें ट्रेन अथवा प्लेटफार्म पर मुसाफिरों के टिकट की जांच करनी चाहिए, उन्हें वाहन स्टैंड की रखवाली की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। रेलवे में 70 से 80 हजार रुपये तनख्वाह पाने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ से वाहन स्टैंड में वाहनों की पर्ची कटवाई जा रही है। यह काम कहीं और नहीं बल्कि प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर हो रहा है। बताया जाता है कि इसके लिए मंडल के एक बड़े अफसर ने आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
रेलवे की आय बढ़ाने में सर्वाधिक योगदान वाणिज्य विभाग के चेकिंग स्टाफ का ही रहता है। प्रयागराज मंडल की ही बात करें तो इस वर्ष के शुरुआती चार माह में चेकिंग स्टाफ की मदद से 27 करोड़ से ज्यादा की कमाई रेलवे प्रशासन ने की, लेकिन अब छिवकी रेलवे स्टेशन पर वाहन स्टैंड का ठेका खत्म होने के बाद नियमों को ताक पर रखते हुए चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है।
तीन शिफ्ट में वहां सीआईटी, डिप्टी सीआईटी, टीटीई आदि वाहनों की रखवाली का काम कर रहे हैं। स्टैंड पर दिन रात चेकिंग स्टाफ को वाहनों की पर्ची काटनी पड़ रही है, जबकि यह काम उनका नहीं है। इसके लिए हर शिफ्ट में कम से कम दो चेकिंग स्टाफ का रहना अनिवार्य है। मंडल के वाणिज्य विभाग के बड़े साहब कोई कार्रवाई न कर दें, इस वजह से ठेके पर काम करने वाले मजदूरों का काम चेकिंग स्टाफ द्वारा किया जा रहा है, जबकि रेल प्रशासन चाहे तो यह काम संविदा कर्मियों या फिर दिहाड़ी मजदूरों से करवाया जा सकता है।
रेलवे के राजस्व का भी हो रहा नुकसान
अमूमन रेलवे के चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी अगर ट्रेन में या फिर प्लेटफार्म पर है तो वह विभिन्न मदों से रेलवे के लिए हर रोज हजारों रुपये की कमाई कर सकते हैं, लेकिन छिवकी में उन्हीं चेकिंग स्टाफ से वाहन स्टैंड में आने वाले वाहनों की पर्ची कटवाई जा रही है। इससे रेलवे को हर रोज मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
पुलिस के एक अफसर ने लगाई थी चेकिंग स्टाफ को फटकार
रेलवे के चेकिंग स्टाफ को हर रोज वाहन स्टैंड पर वाहन खड़ा करने वाले लोगों की खरी खोटी भी सुननी पड़ रही है। अधिकांश लोग पार्किंग शुल्क देने से कतराने के लिए इधर उधर अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। चार रोज पहले वाहन शुल्क न देने की वजह से जब कुछ ऑटो वालों को रोक लिया गया तो उन्होंने मुख्य मार्ग पर आड़े तिरछे अपने वाहन पार्क कर दिए। इस बीच वहां यमुनापार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां जाम लगा देख उन्होंने रेलवे के चेकिंग स्टाफ को खूब खरी खोटी सुनाई। धमकाते हुए चेकिंग स्टाफ से कहा गया कि अगर वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया तो सब को टांग कर वह वहां से थानेे ले जाएंगे।
मैं खुद सीआईटी रह चुका हूं। रेलवे बोर्ड का नियम है कि चेकिंग स्टाफ से सिर्फ टिकट चेेकिंग से ही जुड़ा काम करवाया जा सकता है। वाहन स्टैंड में आने वाले वाहनों की पर्ची कटवाना नियम के खिलाफ है। रेल प्रशासन वहां ठेके पर काम करने वाले लोगों को तैनात करे। - शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, जोनल सचिव, एआईआरएफ (आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन)
रेल प्रशासन द्वारा सारी कार्रवाई नियमानुसार ही करवाई जाती है। अगर कुछ नियम के विरुद्ध है तो सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अमित मालवीय, सीनियर पीआरओ, एनसीआर