बता दें कि कमलेश को छोड़कर अन्य सभी आरोपी 25 नवंबर को गोहरी हत्याकांड में भी नामजद हैं। परिजनों के आरोपों को संज्ञान में लेकर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने मुकदमों की फाइल खंगलवाई तो फाफामऊ पुलिस हरकत में आई। इसके बाद विवेचना में तेजी आई और फिर शनिवार को आखिरकार पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इनमें से एक आरोपी पहले से ही जेल में हैं जबकि अन्य गोहरी कांड के बाद से पुलिस की हिरासत में हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है।
पहले के केस में हो चुकी है चार्जशीट
डीआईजी ने यह भी बताया कि पूर्व के मुकदमे में कार्रवाई न होने के आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने खुद आरोपों केसंबंध में जांच पड़ताल की जिसमें पता चला कि 2019 में दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगाई जा चुकी है। जहां तक विपक्षियों के इशारे पर कार्रवाई करने के आरोप हैं तो मृतक फूलचंद के भाइयों पर दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है। डीआईजी ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान जो साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो आरोपियों की तलाश में मुंबई भेजी गई टीम
उधर गोहरी कांड में नामजद 11 में से दो आरोपियों की तलाश में एसओजी की एक टीम शनिवार को मुंबई केलिए रवाना हो गई। गौरतलब है कि पुलिस ने आठ आरोपियों को तो हिरासत में ले लिया लेकिन दो आरोपियों के बारे में पता चला था कि वह मुंबई में हैं। उधर एक आरोपी के बारे में यह जानकारी मिली थी कि वह बीमार है और चलने फिरने में असमर्थ है।