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प्रयागराज : चार नामजद समेत पांच आरोपियों पर एक और केस में चार्जशीट

Sun, 28 Nov 2021 02:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

हत्याकांड के बाद परिजनों ने फाफामऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि विपक्षियों ने उन्हें घर में घुसकर मारापीटा। लगातार धमकाया भी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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Prayagraj News : घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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फाफामऊ कांड के पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एक और मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह मामला इसी साल सितंबर का है जिसमें मृतक फूलचंद के परिजनों ने एससी-एसटी समेत तमाम धाराओं में केस दर्ज कराया था। हत्याकांड के बाद परिजनों की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों को डीआईजी ने संज्ञान लेकर खुद मॉनिटरिंग शुरू की तब पुलिस हरकत में आई।

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हत्याकांड के बाद परिजनों ने फाफामऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि विपक्षियों ने उन्हें घर में घुसकर मारापीटा। लगातार धमकाया भी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि उनकी ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों में भी न गिरफ्तारी की और न ही चार्जशीट लगाई। इनमें से एक मुकदमा सितंबर 2019 में दर्ज कराया गया था जबकि दूसरा मामले की एफआईआर इसी साल 22 सितंबर को लिखाई गई।

इसमें आरोप था कि रात 8.30 बजे घर में घुसकर आरोपियों ने न सिर्फ  मारपीट बल्कि तोड़फोड़ भी की। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। घटना की सूचना पर डायल 100 की गाड़ी भी पहुंची लेकिन थाने जाने पर रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। एसएसपी कार्यालय में शिकायत पर आठ दिन बाद यानी 29 सितंबर को एफआईआर तो दर्ज की गई। इसमें आकाश, अभय, रवि, मनीष और कमलेश को नामजद कराया गया था।

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बता दें कि कमलेश को छोड़कर अन्य सभी आरोपी 25 नवंबर को गोहरी हत्याकांड में भी नामजद हैं। परिजनों के आरोपों को संज्ञान में लेकर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने मुकदमों की फाइल खंगलवाई तो फाफामऊ पुलिस हरकत में आई। इसके बाद विवेचना में तेजी आई और फिर शनिवार को आखिरकार पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इनमें से एक आरोपी पहले से ही जेल में हैं जबकि अन्य गोहरी कांड के बाद से पुलिस की हिरासत में हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है।

पहले के केस में हो चुकी है चार्जशीट
डीआईजी ने यह भी बताया कि पूर्व के मुकदमे में कार्रवाई न होने के आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने खुद आरोपों केसंबंध में जांच पड़ताल की जिसमें पता चला कि 2019 में दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगाई जा चुकी है। जहां तक विपक्षियों के इशारे पर कार्रवाई करने के आरोप हैं तो मृतक फूलचंद के भाइयों पर दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है। डीआईजी ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान जो साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो आरोपियों की तलाश में मुंबई भेजी गई टीम
उधर गोहरी कांड में नामजद 11 में से दो आरोपियों की तलाश में एसओजी की एक टीम शनिवार को मुंबई केलिए रवाना हो गई। गौरतलब है कि पुलिस ने आठ आरोपियों को तो हिरासत में ले लिया लेकिन दो आरोपियों के बारे में पता चला था कि वह मुंबई में हैं। उधर एक आरोपी के बारे में यह जानकारी मिली थी कि वह बीमार है और चलने फिरने में असमर्थ है।
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