मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय में शनिवार की रात सीबीआई की टीम ने छापा मारा। टीम के सदस्यों ने रिश्वतखोरी के मामले में सिगनल एवं टेलीकॉम के दो सीनियर अफसरों से पूछताछ की। कार्यालय बंद होने के बाद हुई कार्रवाई की जानकारी बाद में रेलवे के अफसरों को भी मिली। दोनों अफसरों से सीबीआई देर रात तक पूछताछ करती रही।
बताया जा रहा है कि सीबीआई को खबर मिली थी कि डीआरएम ऑफिस में तैनात सीनियर डीएसटीई नीरज पुरी गोस्वामी और डीएसटीई पीके सिंह ने रेलवे के एक ठेकेदार से क्रमश: छह और चार लाख रुपये रिश्वत मांगी है। चर्चा इस बात की है कि ठेकेदार ने ही सीबीआई को इसकी खबर दी। सूचना पाकर सीबीआई की टीम डीआरएम ऑफिस पहुंची। सूत्रों की माने तो सीबीआई ने दोनों अफसरों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा भी।
बताया जा रहा है सीबीआई ने छापा मारने से पहले सिर्फ डीआरएम को ही इसकी जानकारी दी। इस दौरान दोनों अफसरों के कक्ष में रखी तमाम फाइलें एवं अन्य दस्तावेज भी खंगाले गए। डीआरएम ऑफिस के द्वितीय तल पर स्थित दोनों अफसरों के कक्ष के पास अन्य कर्मचारियों को भी नहीं आने दिया गया। हालांकि रात के वक्त प्रथम तल में सिर्फ कंट्रोल के ही कर्मचारी ड्यूटी पर थे। देर रात तक वहां दोनों अफसरों से पूछताछ जारी रही। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल से पूछा गया तो उन्होंने सीबीआई छापे की बात तो कबूूली, लेकिन इसकी वजह से अनभिज्ञता जाहिर की।