इलाके के जरार गांव में बृहस्पतिवार को आई बारात में उस समय हड़कंप मच गया जब द्वारचार के दौरान ही दुल्हन ने दूल्हे को देख शादी से इनकार कर दिया। बड़े-बुजुर्गों ने शादी पर काफी देर तक जोर देते रहे लेकिन दुल्हन अपनी जिद पर अडिग रही। उसने साफ कह दिया कि वह काले और विक्षिप्त युवक से शादी नहीं करेगी। आधी रात बाद बारात बगैर शादी के ही बैरंग लौट गई।
जरार गांव के मूलचंद्र प्रजापति ने अपनी बेटी शिवानी की शादी मिर्जापुर जिगना के बघौरा गांव निवासी राजमणि के बेटे हरिश्चंद्र के साथ महीने भर पहले तय किया था। बृहस्पतिवार को शादी की तिथि तय हुई थी। तय तिथि के मुताबिक मूलचंद्र ने बेटी की शादी की पूरी तैयारी की। बृहस्पतिवार को शाम को बारात आई और द्वारचार की तैयारी शुरू हुई। जैसे ही द्वारचार की रस्म पूरी होनी शुरू हुई वैसे ही दुल्हन दूल्हे को देख भड़क उठी।
उसने कहा कि काले दूल्हे से शादी नहीं करूंगी। दुल्हन के इस निर्णय से हड़कंप मच गया। काफी देर तक बड़े बुजुर्गों ने शादी करने के लिए दबाव डालते रहे लेकिन दुल्हन ने अपनी जिद पर अडिग रही। फिर बाद में आधी रात बाद दूल्हे को बैरंग बारात लेकर वापस जाना पड़ा। मामला इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। उधर, कन्या पक्ष के लोगों का कहना है कि शादी तय करने के दौरान दूसरे युवक को दिखाया गया था शादी करने के लिए दूसरा युवक ले आया गया।