देश में जाली नोट तस्करी के खेल का पाकिस्तान कनेक्शन जांचने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम कीडगंज थाने पहुंची। उसने चार दिन पहले केरल से गिरफ्तार कर लाए गए जाली नोट तस्कर गिरोह के सरगना दीपक मंडल से घंटों पूछताछ की। इसके साथ ही इंटेलिजेंस ब्यूरो, एलआईयू की टीम ने भी उससे पूछताछ की। इसके बाद सोमवार को उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बांग्लादेश से लाकर जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना एक लाख के इनामी दीपक मंडल को एसटीएफ प्रयागराज इकाई ने पकड़ा था। चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर उसे शहर लाया गया और फिर उसे कीडगंज पुलिस को सौंप दिया गया। अंतराष्ट्रीय तस्कर गिरोह से जुड़ा मामला होने की वजह से एटीएस के साथ ही आईबी, एलआईयू की टीम उससे पूछताछ करने कीडगंज थाने पहुंची। यहां घंटों उससे पूछताछ की गई। एटीएस की टीम ने उससे बांग्लादेश में बैठे उसके आकाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
पाकिस्तान की कनेक्शन तलाशेगी टीम
यह भी पता लगाया कि जाली करेंसी की तस्करी कर देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के पीछे पाकिस्तान की साजिश तो नहीं। इस बारे में भी पूछा कि बांग्लादेश से बॉर्डर पार कराकर जाली नोटों की तस्करी में उसके मददगार कौन-कौन थे। 12 घंटे तक चली गहन पूछताछ के बाद तीनों ही टीमें वापस चली गईं। उधर पुलिस ने बताया कि आरोपी की ट्रांजिट रिमांड की अवधि खत्म होने पर सोमवार को उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां रिमांड मंजूर होने पर उसे कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया।
कई परिवार जाली नोटों की तस्करी में है लिप्त
दीपक मंडल निवासी जयनपुर, वैष्णव नगर, मालदा पश्चिम बंगाल ने पुलिस की पूछताछ में कई अहम राज उगले। बताया कि वैष्णव नगर व आसपास के कई परिवार जाली नोट की तस्करी के काम में लिप्त हैं। उसने बताया कि वह बांग्लादेश से नाव से जाली नोट मंगाता है और फिर डिमांड के मुताबिक इसे बिहार, दिल्ली, राजस्थान, उप्र, बिहार, पंजाब, केरल में सप्लाई करता है। इसके अलावा लोगों को वह अपने गांव में बुलाकर भी जाली नोटों की सप्लाई करता है।