यूपी बोर्ड परीक्षा फार्म में स्कूल के प्रधानाचार्यों से उनके यहां कार्यरत शिक्षकों का विवरण देने को कहा है। प्रधानाचार्यों से कहा गया है कि सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के विवरण में उनकी शैक्षिक योग्यता और कौन सी कक्षाओं में पढ़ाते हैं, इसका विवरण भी देना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा गया है कि वह सभी विद्यालयों से उनके अध्यापकों की ऑनलाइन अपलोड की गई सूची की हार्डकॉपी विद्यालयों से लेकर उसकी जांच कर लें। विद्यालय के प्रधानाचार्यों से हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों की फोटोयुक्त जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है।
बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 2019 में कई विद्यालयों ने अपने अध्यापकों की ओर से पढ़ाए जाने वाले विषयों, प्रथम नियुक्ति की तिथि, स्नातक एवं परास्नातक के विषय आदि की जानकारी वेबसाइट पर नहीं दी थी। इस कारण से बोर्ड को परीक्षा केदौरान परीक्षकों और प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परीक्षक की नियुक्ति में परेशानी का सामना करना पड़ा। सही विवरण नहीं देने की स्थिति में बोर्ड ने प्रधानाचार्यों और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बोर्ड की सचिव की ओर से जारी दिशा निर्देेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी शिक्षणेतर कर्मचारी अर्थात क्लर्क, चतुथ श्रेणी कर्मचारी, लाइब्रेरियन, गेम्स टीचर, प्रयोगशाला सहायक आदि के नाम किसी भी हालत में अपलोड न करें। अवकाश प्राप्त कर चुके शिक्षकों का विवरण उसी विद्यालय में ऑनलाइन अपलोड करें, जहां से उसने अवकाश ग्रहण किया है। प्रधानाचार्यों से स्पष्ट कहा गया है कि शिक्षकों का विवरण हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा के आवेदन तक करने होंगे, इसके बाद वेबसाइट बंद कर दी जाएगी।