लाक्षागृह-परानीपुर सेतु का एलाइनमेंट पूरा,डेढ़ किमी लंबा होगा पुल
प्रयागराज। गंगा पर प्रस्तावित लाक्षागृह-परानीपुर सेतु परियोजना डेढ़ किमी लंबी होगी। इसके निर्माण के लिए सेतु निगम ने एलाइनमेंट का काम पूरा कर लिया है। इस पुल की लंबाई करीब 1400 मीटर से अधिक होगी। इसे कोहड़ार रोड के पास प्रयागराज-रीवा राजमार्ग में मिलाया जाएगा। इससे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों का आवागमन सुगम हो जाएगा, वहीं लाक्षागृह के आध्यात्मिक पर्यटन का भी विकास होगा।
सिरसा घाट पर लंबे समय से पुल निर्माण की मांग को देखते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हस्तक्षेप के बाद मिर्जापुर और एमपी को प्रयागराज से जोड़ने के लिए गंगा पर सेतु के लिए एलाइनमेंट कर लिया गया है। पहले इस पुल को सिरसा घाट से ही बनाने के लिए मांग की जा रही थी, लेकिन करीब डेढ़ किमी लंबी यह सेतु परियोजना अब मेजा ब्लाक के परानीपुर गांव से शुरू होगी। इसे कोहड़ार रोड के पास रीवा राजमार्ग से जोड़ने की योजना है। इस पुल के बनने के बाद लोग प्रयागराज से मिर्जापुर राजमार्ग तक पहुंचने के लिए रामनगर के डोरवा से ऊंचडीह बाजार होते हुए उरुवा फ्लाई ओवर होकर गुजरेंगे।
इस परियोजना पर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। गंगा पर प्रस्तावित यह सेतु परियोजना कुंभ की बड़ी परियोजनाओं में शामिल की जाएगी। आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाक्षागृह से परानीपुर के बीच गंगा पर पुल का निर्माण के लिए राजकीय सेतु निर्माण निगम की ओर से सर्वे कराया जा चुका है। इस पुल के साथ सुगम यातायात के लिए एक आरओबी का निर्माण भी प्रस्तावित है। सेतु निगम के अफसरों के मुताबिक इस पुल और आरओबी के निर्माण से लाक्षागृह तक यातायात तो सुगम होगा ही, पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों का प्रयागराज से सीधा जुड़ाव हो जाएगा।
कहा जा रहा है कि इस पुल के निर्माण से महाभारतयुगीन कहे जाने वाले लाक्षागृह के सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जौनपुर, मिर्जापुर से मध्यप्रदेश का प्रयागराज सीधा जुड़ाव भी हो जाएगा। परानीपुर गंगा घाट से लाक्षागृह घाट तक का हाल में ही सेतु निर्माण निगम की ओर से सर्वे कराया जा चुका है। गंगा पर इस पक्के पुल के प्रस्ताव के साथ ही एक ओवरब्रिज भी शामिल है। यह ओवरब्रिज प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली रेलवे लाइन पर बनाया जाना है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इस पुल और आरओबी के निर्माण के बाद परानीपुर- मेजारोड मार्ग पर भी यातायात सुगम हो जाएगा।
बख्शी बांध आरओबी में गड़बड़ी की डीएम से शिकायत
बख्शीबांध आरओबी के निर्माण में मानक की अनदेखी की शिकायत डीएम संजय खत्री से की गई है। सेतु निर्माण में गड़बड़ी के मसले पर एलनगंज के पार्षद नितिन यादव ने डीएम से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को बताया कि इस सेतु परियोजना के पिलर नगर निगम के कूड़ा डंपिंग एरिया में खड़े किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में पिलरों के धंसने और टेढे़ होने की आशंका है। इतना ही नहीं लोहे की सरिया का भी मानक के अनुरूप इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जब से इस उपरिगामी सेतु का निर्माण आरंभ हुआ है, तब से उसकी तराई भी नहीं कराई गई है। ऐसे में इस पुल पर भविष्य में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। डीएम ने पार्षद को इस मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया।