कोरोना काल में प्रयागराज शहर की सफाई, लोगों द्वारा मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की निगरानी एडवोकेट कमिश्नर करेंगे। विधिक सेवा प्राधिकरण ने हाईकोर्ट के निर्देशानुसार एडवोकेट कमिश्नर की सूची सौंप दी है।
इसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि एडवोकेट कमिश्नर द्वारा दी गई रिपोर्ट पर प्रशासन को कार्रवाई करनी होगी।
महामारी के दौरान शहर के हालात और स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी कर रही हाईकोर्ट की पीठ ने नगर निगम, पुलिस तथा जिला प्रशासन को व्यापक निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व कोर्ट द्वारा नियुक्त दो एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा और शुभम द्विवेदी ने नगर निगम के कार्यों की रिपोर्ट पेश की, जिस पर अदालत अगली सुनवाई पर विचार करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने क्वारंटीन सेंटरों की दुर्दशा व अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधाओं को लेकर कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
अवैध निर्माणों की सूची तलब
कोर्ट ने नगर आयुक्त को सड़कों व रोड पटरियों पर बनाए गए स्थाई अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण से संबंधित सभी कानून पेश करने का आदेश दिया है। पूछा है कि सड़क किनारे धार्मिक सहित अन्य निर्माण कैसे बने हैं? क्या वजह है कि नगर निगम इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है? कोर्ट ने डॉ. विमल कांत नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फॉगिंग, सैनिटाइजेशन, सड़कों की मरम्मत व नालों की सफाई की निगरानी करने का आदेश दिया है।
एडवोकेट कमिश्नर करें शहर की निगरानी
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने 24 एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की सूची दाखिल की। कोर्ट ने प्राधिकरण से अपने यहां रजिस्टर्ड अन्य वकीलों की भी सहमति लेकर उनको एडवोकेट कमिश्नर के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया है।
सभी एडवोकेट कमिश्नरों से कहा कि सभासद के साथ वार्ड में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन एवं मास्क पहनने के नियम का पालन का जायजा लें, जो पालन नहीं कर रहे, उनकी रिपोर्ट जोनल अधिकारी को दें। वह नगर आयुक्त को रिपोर्ट अग्रसारित करेंगे और नगर आयुक्त रिपोर्ट एसएसपी को देंगे, जो दोषियो पर कार्रवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि यदि सभासद सहयोग नहीं करते तो इसकी रिपोर्ट की जाए। यह रिपोर्ट कोर्ट को भी दी जाए। कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर से कहा कि वह यह भी देखें कि सड़कें सही हैं या नहीं। भीड़भाड़ की वीडियो क्लिपिंग्स लेकर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि कार्रवाई की जा सके।
हर दो वार्ड पर एक क्लीनिक बनाए नगर निगम
कोर्ट ने नगर आयुक्त प्रयागराज को अपनी सीमा में हर दो वार्ड के लिए एक क्लीनिक स्थापित करने का निर्देश दिया है। क्लीनिक बनने के बाद राज्य सरकार को इनमें डाक्टरों व स्टाफ तैनात करने का निर्देश दिया है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को आश्वासन दिया है।
अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव ने लखनऊ के पत्रकार राधेश्याम दीक्षित की अर्जी पर जिलाधिकारी लखनऊ की रिपोर्ट का जवाब दाखिल किया। उन्होंने कोविड 19 के प्रकोप के फैलाव को रोकने के लिए कुछ सुझाव दिए, जिसकी कोर्ट ने सराहना की और कहा कि वह भीड़भाड़ एवं नगर निगम द्वारा उठाए जाने वाले कूडे़ के अंबार का फोटोग्राफ लेकर कोर्ट में पेश करें और फागिंग किन क्षेत्रों में नही हुई इसकी जानकारी दें।
अधिवक्ता एसके गर्ग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पान-गुटका खाकर थूकने का मुद्दा उठाया और कहा कि इससे कोरोना फैलेगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को पेंडेमिक रूल्स व गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने का निर्देश दिया है और कहा कि पान-गुटका थूकने पर कार्रवाई की जाय। कोर्ट ने एसआरएन अस्पताल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से व्यवस्था जानने की कोशिश की, लेकिन लिंक नहीं मिल सका, जिसपर कोर्ट ने अस्पताल में वाई-फाई सुविधा देने का निर्देश दिया है।
अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि कोरोना की अधिक संख्या में जांच के लिए 15 सितंबर तक भवन तैयार हो जाएगा। इस पर एएसजीआई शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि 18 सितंबर तक केन्द्र सरकार से आई कोबाल्ट जांच मशीन लगा दी जाएगी। कोर्ट ने सीटी वैल्यू की जानकारी सार्वजनिक रूप से देने के अपने निर्देश को स्थगित कर दिया है और अगली सुनवाई की तिथि 14 सितंबर को कार्यवाही रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।