शनिवार दोपहर एडीजी प्रेम प्रकाश सराय ममरेज थाने पहुंचे। थाने में कई फरियादी मौजूद थे। एडीजी ने सबको बुलाकर उनके आने का कारण पूछा। सोरों सिंधौरा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि गांव के ही भानु प्रताप सिंह समेत अन्य लोग उसकी नाबालिग बेटी को भगा ले गए।
एडीजी प्रेम प्रकाश ने शनिवार की दोपहर सराय ममरेज थाने का औचक निरीक्षण करने के बाद इंस्पेक्टर आशीष कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। इंस्पेक्टर के साथ ही दो दरोगा और एक सिपाही को भी लाइन हाजिर किया गया। एडीजी को थाने में ही कुछ फरियादी मिले जिन्होंने बताया कि कई अर्जियां देने के बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की जा रही है।
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शनिवार दोपहर एडीजी प्रेम प्रकाश सराय ममरेज थाने पहुंचे। थाने में कई फरियादी मौजूद थे। एडीजी ने सबको बुलाकर उनके आने का कारण पूछा। सोरों सिंधौरा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि गांव के ही भानु प्रताप सिंह समेत अन्य लोग उसकी नाबालिग बेटी को भगा ले गए। लेकिन इंस्पेक्टर आशीष कुमार मुकदमा नहीं दर्ज कर रहे हैं। वह कई दिनों से थाने का चक्कर लगा रहे हैं।
एडीजी के आदेश पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। वादी को एफआईआर की कॉपी देकर एडीजी ने पुलिस कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। यही नहीं थाने पर लाल साहब निवासी सिरसा ने बताया कि एसआई राजू कृष्ण द्वारा उसे बगैर किसी अपराध के थाने पर बैठाया गया है। उससे मिलने आए परिजनों को कांस्टेबल अनिल कुमार यादव द्वारा थाने से भगा दिया गया।
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तीसरे शिकायत कर्ता ने थाने में तैनात एसआई दिनेश कुमार पांडेय पर शिकायती प्रार्थना पत्र को बदलवाने की शिकायत की। एडीजी प्रेम प्रकाश ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सरायममरेज समेत चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। पूरे प्रकरण की जांच सीओ हंडिया को सौंपी गई है। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि एडीजी की रिपोर्ट पर चारों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।