स्टेयरिंग फेल होने के बाद खड्ड में गिरी स्कूल बस।
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खटारा बसों में ढोए जा रहे बच्चे, आक्रोशित हैं अभिभावक
क्षेत्र के अभिभावकों का आरोप है कि महंगी फीस व वाहन शुल्क के नाम पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा लंबी धनराशि अभिभावकों से वसूल तो की जाती है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन वाहनों की समय-समय पर फिटनेस की जांच नहीं कराते हैं। जिससे आए दिन इस तरह की घटनाएं के आम हो गई हैं। बाबूगंज बाजार निवासी अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि बाबूगंज, फूलपुर, झूंसी क्षेत्र में दर्जनों विद्यालयों में खटारा अप्पे, ई रिक्शा तथा मैजिक वाहनों से बच्चों को मानक के विपरीत बैठाकर उनके जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। जबकि शासन द्वारा निर्देश है कि समय-समय पर विद्यालयों में संभागीय परिवहन विभाग द्वारा कैंप लगाकर सुरक्षित यातायात व विद्यालय प्रबंधन को ऐसे वाहनों को न चलने के लिए निर्देश देने चाहिए।