उद्योग के लिए बैंकों से लोन की मांग करने वाले करीब 400 युवाओं के प्रस्ताव पहले चरण में ही वापस हो गए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मझले एवं छोटे उद्योग के लिए साढ़े नौ से अधिक प्रस्ताव आए थे लेकिन उद्योग विभाग की ओर से 560 को ही स्वीकृति दी गई है। ये प्रस्ताव बैंकों को भेज दिए गए हैं और सर्वे किया जा रहा है। कई को बैंकों की भी स्वीकृति मिल गई है।
प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत करीब साढ़े छह सौ लोगों ने उद्योग लगाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर लोन की मांग की थी। उद्योग विभाग की जांच में 330 आवेदन ही पूरी तरह से मानक पर खरे उतरे हैं। इसी तरह से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत तीन सौ से अधिक ने आवेदन किया था।
इनमें से 230 के प्रस्ताव सही पाए गए हैं। उपायुक्त उद्योग अजय चौरसिया ने बताया कि सभी स्वीकृत प्रस्ताव संबंधित बैंकों को भेज दिए गए हैं। अंतिम सूची भी तैयार की जा रही है। एक-दो दिनों में उसे भेज दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि कुछ प्रस्तावों को बैंकों की भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही उन पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
बैंकों की तरफ से अन्य प्रस्ताव से संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा सर्वे किया जा रहा है। अग्रणी बैंक प्रबंधक का कहना है कि उद्योग विभाग से मंजूरी के बाद लोन के कई प्रस्ताव आए हैं। उनकी प्रगति के बारे में बैंकों से रिपोर्ट मांगी गई है।
सुधार के बाद अन्य प्रस्तावों पर भी होगा विचार
उद्योग विभाग की ओर से रोके गए 400 में से कई प्रस्तावों में छोटी-छोटी खामियां हैं। उनमें सुधार का मौका दिया जाएगा। उपायुक्त का कहना है कि उनमें सुधार के बाद दोबारा प्रस्ताव आने पर उन पर भी विचार किया जाएगा।