बड़ी जबर्दस्त थी टक्कर
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखचे उड़ गए। चारों दोस्त कार के अंदर फंसे थे। आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने कार के दरवाजे और खिड़की तोड़कर किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। चारों गंभीर रूप से घायल थे। लुकमान ने किसी तरह पुलिस को परिवार के लोगों का नंबर दिया। अबू बकर व इरशाद उर्फ गोलू को सीएचसी हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
लुकमान व इमरान को सीएचसी गोसाईगंज ले जाया गया। यहां लुकमान की भी मौत हो गई। देर रात इलाज के दौरान इमरान ने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद परिजन बाराबंकी व लखनऊ पहुंचे। परिवार के लोगों ने डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद चारों के शव घर पहुंचे। शहर के पल्टन बाजार में चारों दोस्तों के घर सौ मीटर के दायरे में ही हैं।
मोहल्ले में एक साथ चार लाशें पहुंचने के बाद लोगों की रूह कांप गई। परिवार की महिलाएं दहाड़ मारकर रो रहीं थीं। मोहल्ले का हर शख्स गमगीन था। सबकी आंखों से आंसू गिर रहे थे। परिवार के लोगों की चीत्कार देखने के बाद लोगों की हिम्मत जवाब दे जा रही थी। घरवालों को संभालना मुश्किल हो रहा था। बाद नमाज ईशा चारों दोस्तों के जनाजे को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।