करनाईपुर क्षेत्र के बादलपुर गांव में 440 वोल्टेज करंट के तार विद्युत पोल के जगह गड़ा है बास का
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बहरिया ब्लॉक के बादलपुर गांव में बिजली विभाग की लापरवाही से सैकड़ों परिवार हादसे के साए में जीने को मजबूर हैं। गांव में बिजली के खंभों के अभाव में वर्षों से बांस-बल्ली के सहारे लाइन खींचकर घरों तक आपूर्ति की जा रही है।
बादलपुर गांव में तुलापुर फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। गांव में उपभोक्ताओं ने खंभों के अभाव में खेतों और रास्तों के किनारे बांस-बल्ली गाड़कर उन पर तार बांध रखे हैं। बारिश और तेज आंधी में ये बल्लियां हिलने लगती हैं। तार टूटकर खेतों में गिरने का खतरा बना रहता है। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों, पशुओं और राहगीरों की जान पर हर वक्त संकट मंडराता रहता है।
किसान मंगला प्रसाद, रामहित और मुन्नालाल आदि का कहना है कि जिन खेतों से होकर यह लाइन गुजरी है, वहां जुताई-बोआई में भारी दिक्कत होती है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण चलाने में हमेशा डर बना रहता है। बरसात के दिनों में खेतों में करंट उतरने की आशंका से किसान खेतों में जाने से भी कतराते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को ग्राम प्रधान संजीव कुमार की ओर से मौखिक सूचना दी गई लेकिन स्थायी समाधान के लिए आज तक खंभे नहीं लगाए गए। विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीण अस्थायी और जर्जर व्यवस्था पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
अभी हमें जानकारी मिली है। इस समय बिजली के खंभे उपलब्ध नहीं हैं। दो-तीन दिन में खंभे आ जाएंगे। तत्काल वहां बिजली की सप्लाई सुचारु कराई जाएगी। ग्रामीणों की ओर से बांस पर खींचे गए तारों के स्थान पर खंभा लगाकर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। -विमल कुमार यादव, एसडीओ सिकंदरा।