यमुनापार जागृति मिशन के बैनर तले हुई बैठक में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में हुई युवती की मौत और दुष्कर्म के आरोपों पर हो रही सियासत की निंदा की गई। इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज एल्युमिनाई एसोसिशन के डॉ. भगवत पांडेय ने इसे साजिश करार दिया। उन्होंने कहाकि जिन जूनियर डॉक्टरों पर आरोप लगाए गए हैं, वे डरे सहमे हैं। कोरोना काल में मरीजों की सेवा करने वालों का काम करना मुश्किल हो रहा है। जांच में साफ हो गया कि है कि आरोप झूठे हैं पर दबाव डालकर ऐसे मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें महिला ने कोई बयान ही नहीं दिया है। उसकी मौत पर सियासत की जा रही है। इस संबंध में डॉ. भगवत पांडेय ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पत्र भेजा है, जिसमें सिलसिलेवार घटनाक्रम की जानकारी दी गई है।
यमुनापार जागृति मिशन की बैठक में संयोजक डॉ. भगवत पांडेय, डॉ. सूर्यकांत पांडेय आदि ने विद्वत परिषद के सदस्यों से कहा कि संगमनगरी में आंदोलनों की मर्यादा रही है। एक सोची समझी सियासी चाल के तहत लोगों की जान बचाने वालों पर आरोप लगाए गए। राजनीतिक मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं। साक्ष्यों से साफ है कि सर्जरी के दौरान आठ में पांच महिलाएं थीं।
चार डॉक्टरों में एक महिला वह थी, जिसके पति पर आरोप लगे हैं। जिस मरीज की जान को खतरा हो, उसकी सांसें बचाकर जिंदगी देने का प्रयास करने वालों पर ही तोहमत मढ़ दी, यह निंदनीय काम है। इस माहौल में चिकित्सक और मरीज के रिश्तों पर भी सवालिया निशान खड़े होंगे। जिसके पास लोग जिंदगी बचाने की गुहार लगाने जाते हैं, उन पर गंदे मनगढ़ंत आरोप चिकित्सा व्यवस्था को ही प्रभावित कर देंगे। बैठक में करछना ही नहीं चिकित्सकीय क्षेत्र से जुड़े नामचीन लोग मौजूद रहे।