शनिवार को इस पर कोई अमल नहीं हुआ। छुट्टी के वक्त कोई भी पुलिसकर्मी स्कूल के आसपास नहीं दिखाई दिया। यहां रोजाना की तरह की स्थिति रही। कई बच्चियां स्कूल से निकलकर अकेले ही बस, टैक्सी व अन्य वाहनों तक जाते दिखाई दीं।
बच्ची चोरी के प्रयास जैसी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस शनिवार को लापरवाही बरतती नजर आई। यहां तक कि जिस गर्ल्स हाईस्कूल में यह घटना हुई, वहां मांग के बावजूद छुट्टी व स्कूल खलने के वक्त पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिए। यही हाल कई अन्य स्कूलों में भी रहा। जीएचएस में एक दिन पहले हुई घटना के बाद प्रिंसिपल विनीता इसूबियस की ओर से सिविल लाइंस पुलिस के साथ ही आला अफसरों को भी पत्र भेजा गया था। इसमें मांग की गई थी कि पुलिसकर्मियों की तैनाती स्कूल गेट पर की जाए।
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हालांकि शनिवार को इस पर कोई अमल नहीं हुआ। छुट्टी के वक्त कोई भी पुलिसकर्मी स्कूल के आसपास नहीं दिखाई दिया। यहां रोजाना की तरह की स्थिति रही। कई बच्चियां स्कूल से निकलकर अकेले ही बस, टैक्सी व अन्य वाहनों तक जाते दिखाई दीं।
उधर सेंट मेरीज कॉन्वेंट के बाहर भी छुट्टी के वक्त पुलिस नहीं दिखाई दी। जबकि यहां से कर्नलगंज थाना बहुत दूर नहीं है। इसी तरह सेंट एंथोनी कॉलेज के बाहर भी छुट्टी के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद नहीं रहे। इस मामले में सीओ सिविल लाइंस नरसिंह नारायण सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार गश्त करती रहती है। उधर सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंद्रमणि ने बताया कि स्कूल में पुलिस सुरक्षा देने का फिलहाल कोई आदेश उन्हें नहीं मिला है। चौकसी के लिए लिए मोबाइल टीमों को निर्देशित किया गया है।
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पीआरवी की गाड़ियां क्यों नहीं?
जानकारों का कहना है कि स्कूलों के बाहर सुरक्षा को लेकर पुलिस को गंभीरता बरतनी चाहिए। फोर्स की कमी का मामला हो तो चौराहों पर खड़ी पीआरवी की गाड़ियों को ही छुट्टियों के वक्त स्कूल के बाहर लगा देना चाहिए।