एसआरएन चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर को मंगलवार को शास्त्री पुल पर आधे घंटे से अधिक रोके रखा गया। आर्थोपेडिक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन यादव शहर आ रहे थे। पुल पर तैनात पुलिसकर्मियों ने डॉ. सचिन की गाड़ी जांच के नाम पर रोक ली। डॉ. सचिन ने इस बात की जानकारी दी कि वह चिकित्सालय जा रहे हैं। लेकिन, पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी। बाद में मामले की जानकारी एसएसपी को हुई तो उनके कहने पर उन्हें अस्पताल जाने दिया गया। डॉक्टर सचिन ने पुलिस के बर्ताव पर नाराजगी जताई। कहा, चिकित्सकीय आपातकाल में डॉक्टर को अस्पताल न जाने देना समझ से परे है। उधर, मामले में एसपी गंगापार नरेंद्र सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के चलते शहर जाने वालों की चेकिंग की जा रही थी। असिस्टेंट प्रोफेसर ने पहले उन्हें जानकारी नहीं दी, पता चला तो छोड़ दिया गया।
कोटा से आए 48 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण
कोटा से छात्र-छात्राओं के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार की रात और मंगलवार की सुबह भी 48 छात्र यहां पहुंचे। उन्हें शहर के विभिन्न गेस्ट हाउसों में क्वारंटीन किया गया है। इसके बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें छुट्टी दे दी गई। कोटा से मंडल में अब तक 850 से अधिक छात्र-छात्राओं का आना हुआ है। सोमवार रात और मंगलवार सुबह कुल 45 छात्र-छात्राएं शहर पहुंचे। उन्हें पहले शहर में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर पर ठहराया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। कोरोना के नोडल अफसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि रैपिड टेस्ट में कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।
महिला सहित कोरोना की आशंका में दो भर्ती
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में मंगलवार को महिला सहित कोरोना की आशंका में दो लोगों को भर्ती किया गया है। दोनों ने बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। इसके बाद दोनों का भर्ती कर जांच के लिए नमूना मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेज दिया गया।
अस्पताल में कोरोना के नोडल अफसर डॉ. सुजीत कुमार ने बताया कि भर्ती महिला की उम्र 25 साल की है, जबकि पुरष 45 साल का है। दोनों के स्वाब सैंपल जांच के लिए लिया गया है। उधर, कोरोना जांच प्रभारी डॉ. एके तिवारी ने बताया कि मंगलवार को कालिंदीपुरम स्थित क्वारंटी सेंटर से 47 लोगों की जांच के नमूने लिए गए हैं। सोमवार को जांच के लिए भेजे गए सभी 30 नमनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, शहर के विभिन्न गेस्ट हाउसों में क्वारंटीन 623 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी का स्वास्थ्य बेहतर पाया गया। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि जिले में अभी 86 लोग इंस्टीट्यूूशन क्वारंटीन हैं। उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं है। इसके अलावा जिले में आशाओं की ओर से मंगलवार को भी 301977 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। सीएमओ ने कहा कि अगर किसी को भी बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत हो तो वे कोरोना की जांच के लिए 0532-2641577, 2641578, 7458825340 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उनकी जांच कराई जाएगी।
दो निजी पैथालॉजी लैबों में करा सकते हैं जांच
कोरोना की जांच अब सरकारी के साथ निजी पैथालॉजी लैबों में भी होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने हरी झंडी दिखा दी है। निजी पैथालॉजी लैबों में जांच के लिए लोगों को शुल्क भी देना होगा। देश के दूसरे हिस्सों में निजी पैथालॉजी लैबों में पहले से ही शुल्क देकर कोरोना की जांच कराई जा रही थी। अब प्रयागराज में लाल पैथोलॉजी एवं पैथकाइंड लैब में यह व्यवस्था शुरू की गई है। सीएमओ ने बताया कि दोनों लैबों में कोरोना की जांच लोग करा सकते हैं। हालांकि सीएमओ की ओर से कोरोना की जांच के लिए निजी लैबों द्वारा कितना शुल्क लिया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने निजी पैथालॉजी लैबों को कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपये जो रेट तय किया था। उसी रेट पर जांच की जाएगी।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर डॉक्टर को नोटिस
शहर के न्यूरोसर्जन डॉ. एसपीएस चौहान को नोटिस दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए मरीजों को देखा। इस लापरवाही से संक्रमण फैलने की आशंका है। चेतावनी दी गई है कि अगर ऐसा दोबारा किया गया तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. एसपीएस चौहान मेडिकल कॉलेज से सेवानिवृत्त होने बाद जार्जटाउन स्थित आवास पर ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। लॉकडाउन की वजह से उनके यहां मरीजों की भीड़ लग गई। हालांकि उन्होंने कई बार अपने कर्मचारियों से मरीजों को सोशल डिस्टेसिंग बनाए रखने को कहा, लेकिन भीड़ ज्यादा हो गई।