शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अनिल के शव को अपने गांव टकटैया लेकर परिजन गांव जा रहे थे। इसी बीच मिर्जापुर हाइवे मार्ग बेंदो गांव के सामने परिजन शव रख कर जाम लगा दिए। परिजनों का आरोप था कि अनिल कुमार की हत्या में गांव के प्रधान का हाथ है। उसी के इशारे पर अनिल की हत्या हुई है।
पिता बाबादीन के मुताबिक गांव के विकास कार्यों में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ उसने कुछ दिन पहले शिकायत करके जांच कराई थी, जिसके बाद प्रधान ने धमकी दी थी। नाराज परिजन प्रधान का नाम भी एफआईआर में जोड़ने की जिद पर अड़े थे। घंटो बीत गए लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। जिससे बौखलाए पुलिस वालों ने कई थाने की फोर्स बुला ली। मौके पर एसपी यमुनापार व सीओ करछना पहुंचे थे। अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस वालों ने जाम लगाकर बैठे लोगों पर लाठी चार्ज कर दिया।
पुलिस की पिटाई से दो दर्जन से ज्यादा लोग चुटहिल हो गए। उसके बाद पुलिस ने परिजनों से शव छीन लिया और स्वयं ले जाकर डीहा गंगा घाट पर देर रात अंतिम संस्कार करा दिया। दुखद ये है कि पुलिस ने बर्बरता की हद पार करते हुए मारे गए अनिल कुमार के बेटे बाबा दीन को पीटा है, जिससे वह घायल है। पुलिस की इस बर्बरता से लोगों में आक्रोश है।