नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के कब्जे से बृहस्पतिवार को नैनी पुलिस ने 21 और लोगों को मुक्त कराया। साथ ही एक आरोपी बबलू को गिरफ्तार भी किया। वह राजस्थान का रहने वाला है। बुधवार को नैनी पुुलिस ने मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया था।
बता दें कि गिरोह के सदस्य नैनी में बीते छह माह से कॉल सेंटर के रूप में अपना कार्यालय संचालित कर रहे थे। कई कमरों में संचालित हो रहे कार्यालय में क्या हो रहा है, इसकी आसपास के लोगों को भी जानकारी नहीं थी। साथ ही संगठन से जुड़े सदस्य क्षेत्र में कई स्थानों पर किराये का कमरा लेकर रहते थे। मंगलवार को ठगी का शिकार एक युवक ने नैनी पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत पर सक्रिय हुई नैनी पुलिस ने बुधवार को अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मौके से 15 युवकों को बंधन मुक्त कराया था। साथ ही 13 मोबाइल एक लैपटॉप बरामद की थी। बुधवार को जिनको मुक्त कराया गया था उन लोगों ने पूछताछ में बताया कि षड्यंत्र के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाया गया था। यहां आने के बाद मारपीट कर धमकी देकर बंधक बनाते थे। फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर वसूली करते थे।
जिस स्थान पर कार्यालय का संचालन किया जा रहा था, वह बीच बाजार में था और दिनभर वहां लोगों का आना जाना लगा रहता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते 15 अगस्त को कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस भी मनाया गया था, साथ ही गिरोह के लोग अपने आप को बहुत रिजर्व रखा करते थे। वहीं, नैनी पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य युवकों की पहचान करने में जुटी है।
बृहस्पतिवार को जिन 21 युवकों को मुक्त कराया गया उनमें 15 राजस्थान एक हाथरस और पांच मथुरा के हैं। सभी को थाने लाकर बयान दर्ज किया गया। साथ ही जिसको गिरफ्तार किया गया वह कल पकड़े गए गिरोह के सदस्यों का साथी है। बता दें कि पूछताछ में सामने आया है कि संगठन का मुखिया प्रकाश राव है। इंस्पेक्टर ब्रिज किशोर गौतम का कहना है कि सरपतहिया में स्थित एक मकान से लोगों को बाहर निकाला गया। सभी काफी डरे हुए थे। मामले में एक गिरफ्तारी भी की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।