एसआरएन अस्पताल में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।
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स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में हड़ताल पर मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नाराजगी जताई है। उसका कहना है कि जूनियर डॉक्टर पर हमला पूरी तरह से गलत है। पुलिस की ओर से कार्रवाई में देरी भी ठीक नहीं है। छात्रों के पास अपनी मांग रखने के और कई रास्ते थे जिसमें उनका सहयोग किया जाता। इसकी सजा मरीजों को भुगतनी पड़ी, यह गलत है।
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वीके पांडेय का कहना है कि चार दिन के अंदर टीम का गठन कर घटना की आंतरिक जांच कराई जाएगी। भविष्य में इस प्रकार की हड़ताल न हो, इसके लिए भी सख्त नियम बनाए जाएंगे। वहीं, देर रात हड़ताल समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौटीं। ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन दिखी। ट्रॉमा व इमरजेंसी मेडिसिन में गंभीर मरीजों को भर्ती करने का सिलसिला शुरू हो गया। हड़ताल के बाद ओपीडी में तीन हजार से ज्यादा मरीज देखे गए।