सुबह कंट्रोल रूम में पहले पुलिस आयुक्त तरुण गाबा पहुंचे। उन्होंने यहां लगी चार स्क्रीनों पर अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर चल रही परीक्षा का जायजा लिया। जहां कहीं भी कुछ कमी नजर आई, वहां संबंधित एसीपी व थाना प्रभारी को निर्देशित कर इसे दूर करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में चार स्क्रीन लगाई गई है जिनमें एक साथ एक बार में 43 कक्ष/केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकती है।
‘हैलो.... एसीपी/थाना प्रभारी सुनिश्चित करें, इस केंद्र पर कक्ष संख्या एक में दूसरी कतार में बैठे चौथे परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध हैं, अपने स्तर से जांच कर लें।’ सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से इस तरह के दिशा निर्देश लगातार सुनाई देते रहे। केंद्रों के निरीक्षण के साथ-साथ यहां लगी स्क्रीन पर लाइव निगरानी करते हुए अफसर लगातार परीक्षा का जायजा लेते रहे।
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सुबह कंट्रोल रूम में पहले पुलिस आयुक्त तरुण गाबा पहुंचे। उन्होंने यहां लगी चार स्क्रीनों पर अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर चल रही परीक्षा का जायजा लिया। जहां कहीं भी कुछ कमी नजर आई, वहां संबंधित एसीपी व थाना प्रभारी को निर्देशित कर इसे दूर करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम में चार स्क्रीन लगाई गई है जिनमें एक साथ एक बार में 43 कक्ष/केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकती है।
कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड के जरिए अफसरों ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस आयुक्त के बाद यहां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एन कोलांची पहुंचे और उन्होंने लाइव देखकर परीक्षा के संबंध में मातहताें को दिशा निर्देश दिए। उधर, तीनों जोन के डीसीपी अपने-अपने जोन में भ्रमणशील रहकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। उनके साथ परीक्षा के नोडल अफसर डीसीपी आशुतोष द्विवेदी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे और पहले दिन की परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।