अब पुलिस नकल माफिया चंद्रमा यादव और मायापती दुबे को ढूंढ़ रही है। रविवार को एसटीएफ की टीम ने सोरांव पुलिस के साथ धूमनगंज में चंद्रमा के घर और उसके स्कूल में दबिश दी। पुलिस ने स्कूल के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की। चंद्रमा के घरवालों से करीबी रिश्तेदारों के नाम पते और मोबाइल नंबर लिए गए।
इसके बाद पुलिस ने पूरामुफ्ती, सरायआकिल और मंझनपुर इलाकों में कई जगह दबिश दी। कई रिश्तेदारों को उठाया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है। जेल से छूटने के बाद चंद्रमा की किन लोगों से बात हुई, यह पता लगाने के लिए पुलिस ने चंद्रमा के दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स निकाली है।
जिस दिन गैंग पकड़ा गया था, उस दिन चंद्रमा कहां था। इसके लिए पुलिस ने उसके फोन के टावर की लोकेशन भी निकलवाई है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक केएल पटेल और ललित त्रिपाठी के बयान से मामले में चंद्रमा यादव की भूमिका साफ-साफ नजर आ रही है। गैंग जो भी पेपर आउट करवाता था, वह चंद्रमा के स्कूल से ही आता था।
चंद्रमा के पकड़े जाने के बाद इस बात का खुलासा होगा कि उसने केएल पटेल और मायापती दुबे के अलावा और किस किस गैंग को पेपर दिया था। पुलिस ने रविवार को मायापती दुबे तथा उसके साथियों की तलाश में भदोही जौनपुर और गंगा पार के कई इलाकों में दबिश दी। सब मोबाइल बंद करके फरार हैं। उनके कुछ रिश्तेदारों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।
चंद्रमा यादव की तलाश में आज कई जगह दबिश दी गई। उसके कई रिश्तेदारों से पूछताछ हुई है। अन्य आरोपियों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है। नीरज पांडे एएसपी, एसटीएफ