Prayagraj News : अतीक अहमद के दफ्तर पर छापेमारी करती पुलिस।
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सबको दी गई थी अलग अलग जिम्मेदारी
नियाज अहमद - रियाज को असद ने फोन पर इंटरनेट के माध्यम से अशरफ से बात कराई थी। यह अतीक के घर पर हुई मीटिंग में भी शामिल था। एक फोन इसके पास से मिला है।
मोहम्मद सजद - ये जयंतीपुर सुलेमसराय थाना धूमनगंज का रहने वाला है। यह उमेश पाल के घर के पास रहता है। इसको असद ने अपने घर बुलाकर आईफोन दिया था, जिसमे कुछ नंबर सेव थे। अतीक, अशरफ, सजर से लोकेशन लेने का काम दिया था। इसे उमेश पाल की गाड़ी आने जाने की सूचना देने का काम मिला था।
अरशद कटरा - उमेश और दो सुरक्षाकर्मी की हत्या की जो बैठक होती थी, उसकी साजिश में यह शामिल था।
कैश अहमद- ये 16 साल से अतीक अहमद और परिवार में ड्राइवर का काम कर रहा है। घटना के बाद अतीक, असद और परिवार के कहने पर इसने हथियार, कैश छिपाने का काम किया था। इसकी निशानदेही पर रिकवरी हुई है।
राकेश कुमार उर्फ लाला- ये अतीक अहमद के घर के काम और मुंशी का काम करता था। घटना के बाद कैश और हथियार असद और अतीक और परिवार के कहने पर कैश हथियार छिपाए थे।
दीवार तोड़कर बरामद किए गए कैश और असलहे
अतीक अहमद के कार्यालय के दीवारों को तोड़कर और जमीन को खोदकर असहले और कैश छिपाए गए थे। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया। कैश को गिनने के लिए मशीन लगाई गई थी। बरामद कैश दो सौ और पांच सौ रुपये में है। हर कमरों के दीवारों को तोड़़कर कैश और असलहे बरामद किए गए।
2020 में ढहाया गया था दफ्तर
20 सितंबर 2020 को अतीक के कार्यालय पर बुलडोजर चला था। आधे से ज्यादा हिस्से को पीडीए ने कराया ध्वस्त करा दिया था। इससे पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत इसे कुर्क भी किया जा चुका था। पुलिस ने करेली से अतीक के एक करीबी को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही एक अन्य युवक को भी पकड़ा है। इन दोनों की ही निशानदेही पर छापा मारा गया। दोनों को साथ लेकर अतीक अहमद के कर्बला स्थित कार्यालय पर पुलिस पहुंची थी।
इसी दफ्तर से बरामद हो चुकी है पिस्टल
1000 वर्ग क्षेत्रफल में आलीशान कार्यालय बना है। खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के कर्बला चौराहे पर कार्यालय स्थित है। 2017 में अतीक अहमद का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया था लेकिन इससे संबंधित शस्त्र अतीक ने जमा नहीं कराए थे। जुलाई 2020 को इसी तरह नाटकीय ढंग से अतीक अहमद की राइफल और पिस्टल इसी कार्यालय से बरामद की गई थी, जिसके बाद मार्च 2020 में उसके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई गई थी। जुलाई 2019 में मोहित जायसवाल अपहरण कांड की जांच में जुटी सीबीआई भी इस कार्यालय में छापा मार चुकी है।
Prayagraj News : अतीक अहमद के दफ्तर से बरामद असलहे और कैश।
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चार लाख की अमेरिकन कोल्ट पिस्टल और मैगजीन मिली
पुलिस ने अतीक के कार्यालय से दस असलहों को बरामद किया। इसमें एक अमेरिकन कोल्ट पिस्टल भी है। इसकी कीमत चार लाख रुपये की है। कोल्ट पिस्टल की 10 कारतूस वाली मैगजीन भी बरामद हुई है। पुलिस ने जो पिस्टल बरामद की है। उसमें तीन .32 बोर की और एक .455 बोर की है। एक अमेरिकन कोल्ट पिस्टल को मिलाकर कुल पांच पिस्टल बरामद की हैं। तीन तमंचे 312 बोर के तो दो 315 बोर के हैं। बरामद कुल कारतूसों की संख्या 112 है।