इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा है कि कोविड 19 व लॉकडाउन के कारण पुलिस, पीएसी भर्ती की मेडिकल जांच न करा पाने वाले सफल अभ्यर्थियों के बारे में क्या नीति तय की है। क्या लॉकडाउन में फंसे अभ्यर्थियों की बाद में मेडिकल जांच कराने का कोई उपबंध है। कोर्ट ने इसकी जानकारी 16 अगस्त को मांगी है।
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर बेसिक स्कूल, टीकर, जालौन के सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक को शिक्षा सत्र बदलाव से मिले सत्र लाभ के बकाया वेतन के भुगतान करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची 30 जून 15 से दोबारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि 22 अक्तूबर 15 तक का अंगद यादव केस के फैसले के आलोक में बकाया वेतन पाने का हकदार है।
हाईकोर्ट 24 अगस्त तक मांगी जानकारी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अनुदेशक पद पर सफल याची को अंतिम चयन सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने 24 अगस्त तक सरकार से जानकारी मांगी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने प्रयागराज के कुमार किशोर की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि वर्कशाप कैलकुलेशन एंड साइंस, इंजीनियरिंग ड्राइंग, ड्राफ्टमैन, पेंटर, सर्वेयर, प्लंबर आदि की योग्यता वाले अनुदेशकों की भर्ती परीक्षा में याची सफल हुआ। उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया और लखनऊ में साक्षात्कार में शामिल हुआ। जब चयन सूची जारी की गई तो उसका नाम नहीं था। साक्षात्कार व शैक्षिक योग्यता के लिए अलग से अंक नहीं दिए गए। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को चयनित किया गया।
सफल होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया। याची ने प्रत्यावेदन भेजा, आरटीआई के तहत सूचना मांगी, कोई जवाब नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री को भी लिखा। सुनवाई न होने पर याचिका दायर की है। याची का कहना है कि जब वह परीक्षा में सफल है तो उसे नियुक्ति पाने का हक है।