कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या की वारदात के 45 घंटे बाद भी अब तक वजह नहीं सामने आ सकी है। निजी रंजिश की कोई बात सामने न आने के बाद अब पुलिस की नजर कार्यस्थल व टेंडर से जुड़े विवादों पर टिक गई है। फिलहाल, प्रयागराज से गोरखपुर, बिहटा, दरभंगा तक उनसे संंबंधित मामलों की तहकीकात शुरू कर दी गई है। कमांडर वर्क इंजीनियर के पास प्रयागराज के अलावा एयरफोर्स के गोरखपुर, बिहार के दरभंगा व पटना स्थित बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की भी जिम्मेदारी थी। इन स्थानों पर सैन्य बलों के लिए बुनियादी ढांचे की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव संबंधी कार्य उनके ही निर्देशन में कराए जाते थे।
सैन्य भवनों के निर्माण के साथ ही सेना के परिसर में सड़कों, एयरफील्ड, डॉकयार्ड या अन्य बुनियादी ढांचों को तैयार कराना आदि इसमें शामिल है। टेंडर के माध्यम से यह कार्य कराए जाते थे, जो करोड़ों में होते थे। सूत्रों का कहना है कि पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि किसी टेंडर को लेकर कभी उनका किसी ठेकेदार से विवाद तो नहीं हुआ। फिलहाल, अब तक कि जांच में प्रयागराज से जुड़ा कोई विवाद नहीं सामने आया है। उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी भी इस बाबत कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। ऐसे में गोरखपुर, दरभंगा व बिहटा में हाल फिलहाल हुए बड़े टेंडरों को लेकर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया गया है।