फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Air Force Engineer Murder : 15 दिन पहले भी हुआ था हमले का प्रयास, हमलावरों ने की थी दरवाजा तोड़ने की कोशिश

Mon, 31 Mar 2025 01:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

भारतीय वायु सेना के मध्य वायु कमान बमरौली परिसर में सैन्य अभियंत्रण सेवा (एमईएस) के कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र (51) की हत्या के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है।
विज्ञापन
prayagraj murder - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय वायु सेना के मध्य वायु कमान बमरौली परिसर में सैन्य अभियंत्रण सेवा (एमईएस) के कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र (51) की हत्या के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि बेखौफ हत्यारे ने वारदात से पहले उनके दरवाजे में करीब चार इंच लंबा-चौड़ा सुराख बना दिया था। सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक फुटेज में दिखाई दे रहा है कि अफसर के घर के बाहर पहुंचने के बाद हत्यारे ने उनके दरवाजे को काटने का भी प्रयास किया। अफसर के घर के दो दरवाजे हैं, जिनमें से एक सामने व दूसरा पीछे की ओर स्थित है। सामने लकड़ी के गेट के बाहर जाली का एक और दरवाजा है। वहां पहुंचने के बाद हत्यारा पहले जाली वाले गेट को खोलता है और फिर दरवाजे की घंटी बजाता है।

दरवाजा नहीं खुलने पर वह औजारनुमा वस्तु से दरवाजे में सुराख करता है। करीब चार इंच लंबा-चौड़ा सुराख बनाने के बाद वह भीतर हाथ डालने की भी कोशिश करता है। माना जा रहा है कि ऐसा करके उसने सिटकनी खोलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नाकाम रहा। इसके बाद वह पीछे की ओर गेट पर जाकर वारदात को अंजाम देता है।
विज्ञापन


यह है पूरा मामला : वायु सेना के कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र की शनिवार भोर में तीन बजे के करीब उनके सरकारी आवास के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने खिड़की से गोली दागी थी। इस मामले में वारंट अफसर की ओर से अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

15 दिन पहले हुई घटना पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

वायुसेना कैंपस में गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए कमांडर वर्क इंजीनियर की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि अगर 15 दिन पहले हुई घटना पर एक्शन लिया जाता तो शायद हमलावर पहले ही पकड़ में होता। 15 दिन पहले भी उनके घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश हुई थी। यह बात खुद पुलिस को अफसर के करीबियों ने बताई है। हालांकि, इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि अफसर इस मामले की एफआईआर दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।

कहा गया कि फुटेज आदि की जांच कर जल्द ही बदमाशों को ट्रेस कर लिया जाएगा। इसके बाद ही उन्होंने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाया। कहा जा रहा है कि उस घटना को लेकर लापरवाही न बरती गई होती तो शायद अफसर की जान न जाती। चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े अफसर के घर आधी रात दरवाजा काटने की कोशिश पर कोई आंतरिक जांच भी नहीं कराई गई।
विज्ञापन

अंडमान हो गया था ट्रांसफर

कमांडर वर्क इंजीनियर का प्रयागराज से ट्रांसफर भी हो गया था। दो-तीन दिन पहले ही इस संबंध में आदेश जारी हुआ था। 14 अप्रैल तक उन्हें वहां कार्यभार ग्रहण करना था। प्रयागराज में नवागंतुक अफसर के कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें रवाना होना था।
वाराणसी में किया अंतिम संस्कार

अफसर का अंतिम संस्कार रविवार को वाराणसी में किया गया। एक दिन पहले परिजनों ने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की बात कही थी। हालांकि, रविवार को शव मणिकर्णिका घाट पर ले जाया गया और वहीं मुखाग्नि दी गई। प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में उनके जानने वाले उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें