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Prayagraj: अतीक के कराची कनेक्शन की पड़ताल कर रही पुलिस, इविवि प्रोफेसर को दादा बताकर की गई थी पॉवर ऑफ अटार्नी

Wed, 06 Dec 2023 10:16 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फिलहाल यह बात सामने आई है कि जिस बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा किया गया, उसके मूल स्वामी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को पॉवर ऑफ अटार्नी जारी करने वाले ने अपना दादा बताया था।
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अतीक अहमद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कैंट में अतीक अहमद के रिश्तेदारों पर दर्ज मुकदमे में दस्तावेजों की जांच करते हुए पुलिस माफिया के कराची कनेक्शन की पड़ताल में जुटी है। फिलहाल यह बात सामने आई है कि जिस बेशकीमती संपत्ति पर कब्जा किया गया, उसके मूल स्वामी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को पॉवर ऑफ अटार्नी जारी करने वाले ने अपना दादा बताया था। पॉवर ऑफ अटार्नी में इसका जिक्र है। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।

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एक दिन पहले कैंट थाने में इस संबंध में अतीक के रिश्तेदार मो. उमर समेत तीन पर केस लिखाया गया है। वादी राजेन्द्र कुमार उर्फ राज शुक्ला निवासी म्योर रोड राजापुर ने पुलिस को बताया है कि उसके पिता भाईलाल को प्लॉट नंबर 01 व 02 का संपूर्ण क्षेत्रफल व उसमें स्थित मकान मुस्लिम सिद्दीकी निवासी राजापुर ने पंजीकृत वसीयतनामा प्रदान किया। आरोप है कि प्लाट नंबर 02 में स्थित मकान को भूमाफिया गिरोह के सदस्य सुहैल सिद्दीकी निवासी पाकिस्तान व सईदउद्दीन निवासी बेली रोड ने कूटरचित अभिलेख तैयार करके असलहों से लैस होकर जबरन मकान में घुस आए और सामान में तोड़फोड़ कर दी। विरोध करने पर पीटा और मकान से बाहर कर दिया।

मकान को गिरोह सरगना सईदउद्दीन के भतीजे मो. उमर ने कब्जाया है। जान से मारने की धमकी देने के साथ ही मकान खाली करने के एवज में एक करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उमर अतीक का ममेरा साढू है। प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि पॉवर ऑफ अटार्नी में उक्त संपत्ति का स्वामी इविवि के अरेबियन व परसियन विभाग के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सत्तार सिद्दीकी व उनके बेटे मुस्लिम सिद्दीकी को बताया गया है।
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इसी दावे के आधार पर सुहेल सिद्दीकी निवासी कराची, पाकिस्तान, जिन्होंने खुद को इविवि पूर्व प्राेफेसर को अपना दादा बताया है, ने पॉवर ऑफ अटार्नी अपने परिचित सईदउद्दीन सिद्दीकी के नाम की थी। पुलिस फिलहाल इस पॉवर ऑफ अटार्नी की जांच पड़ताल में जुटी है। दरअसल, आरोप है कि पॉवर ऑफ अटार्नी जालसाजी कर तैयार की गई। कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि मामला दस्तावेजों की कूटरचना से संबंधित है। ऐसे में अभिलेखीय साक्ष्यों को जुटाया जाएगा।

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