फर्रुखाबाद की चर्चित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की गिरफ्तारी मामले में पुलिस की ओर से बुधवार को जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया गया। कोर्ट ने याची को प्रतिउत्तर दाखिल करने की मोहलत दी है।
फर्रुखाबाद की चर्चित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की गिरफ्तारी मामले में पुलिस की ओर से बुधवार को जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया गया। कोर्ट ने याची को प्रतिउत्तर दाखिल करने की मोहलत दी है। साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक अगली तारीख तक बढ़ा दी है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की याचिका पर दिया है। फर्रुखाबाद निवासी प्रीति यादव की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कोर्ट ने फर्रुखाबाद की एसपी को तलब किया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता के अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की गिरफ्तारी का मामला सामने आया था। इस पर कोर्ट ने उनसे जवाब तलब किया था।
याची के अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह ने दलील दी कि अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर एसपी को तलब करने वाले आदेश के ठीक दो दिन बाद दर्ज की गई है, जो इसकी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इसके बाद की गई कार्रवाई और भी अधिक स्पष्ट है। एसपी ने इसी एफआईआर के आधार पर 100 कांस्टेबलों के साथ याची के आवास पर छापामारा और उसकी पत्नी, बेटे, नौकर को पीटा और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। कोर्ट अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस से जवाब तलब किया था।