दरोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा में व्हाइटनर का प्रयोग किए जाने के मामले को लेकर दाखिल याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी सुनवाई जारी रही। लिखित परीक्षा में व्हाइटनर लगाने वाले अभ्यर्थियों ने भी अदालत में अपना पक्ष रखा है। उनकी ओर से कहा गया कि व्हाइटनर लगाने पर अभ्यर्थन निरस्त करने का कोई नियम उत्तर पुस्तिका में नहीं दिया गया है। जिस ओएमआर सीट पर व्हाइटनर लगा होगा उस प्रश्न को कंप्यूटर जांचेगा नहीं।
इस स्थिति में अधिक से अधिक उन प्रश्नों को अंक शामिल न किए जाएं उनके उत्तर व्हाइटनर लगाकर बदले गए हैं। अभ्यर्थी की पूरी परीक्षा निरस्त करने का तुक नहीं है। जबकि याचिका दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि व्हाइटनर लगाने की आड़ में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घपला किया गया है। अपने चहेतों के गलत सवालों के जवाब बाद में व्हाइटनर लगाकर सही किए गए और उनको चयनित किया गया। एक जाति विशेष के लोगों को चयन में वरीयता दी गई जिससे पूरी चयन प्रक्रिया दोषपूर्ण हो गई है। याचिकाओं पर न्यायमूर्ति बीके बिडला सुनवाई कर रहे हैं। शुक्रवार को भी इस पर बहस जारी रहेगी।