प्राथमिक शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायदों को खुद शिक्षक भी बेपटरी करने में जुटे हैं। बीएसए संजय कुशवाहा के औचक निरीक्षण में गुरुवार को जहां दो विद्यालय में ताला लटकता मिला वहीं करीब दर्जन भर विद्यालयों से थोक भाव शिक्षक, शिक्षामित्र, प्रधानाध्यापक और अनुदेशक अनुपस्थित मिले हैं। इस पर बीएसए ने एक प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए सभी का वेतन रोक दिया है।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय टिकुरी, उरुवा बंद मिलने पर यहां तैनात प्रधानाध्यापक दीप माला चौधरी, सहायक शिक्षक सुमन सिंह, प्रवीण चंचल तथा वंदना सरोज को अनुपस्थित कर वेतन रोक दिया गया। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटहा, उरुवा से सहायक शिक्षिका पूजा श्रीवास्तव, प्राथमिक विद्यालय कोटहा से सहायक शिक्षिका माया तिवारी, फिरदौस बानो, शिक्षामित्र ऋतु प्रजापति तथा सावित्री देवी अनुपस्थित मिलीं।
प्राथमिक विद्यालय मेड़रा, मेजा से प्रधानाध्यापक मो. तारिक, सहायक शिक्षक इंदु भूषण, हनुमान, शिक्षामित्र शिवकुमारी अनुपस्थित पाई गईं। इनमें से मो. ताहिर को निलंबित कर सभी का वेतन रोक दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय भरारी प्रथम, मांडा से प्रधानाध्यापक संजय कुमार, प्राथमिक विद्यालय भरारी से सहायक शिक्षक मृणालिनी, शिवेन्द्र सिंह, अनुदेशक मनु निषाद व रेखा सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय उसवार, मांडा से प्रधानाध्यापक संजीव कुमार गुप्ता, अनुदेशक मो. फुरकान, प्राथमिक विद्यालय उसवार से सहायक शिक्षक नौशाद अहमद, प्राथमिक विद्यालय कपुरी मांडा से रामकीर्तन, प्राथमिक विद्यालय पसियान मांडा से सहायक शिक्षक सुनील तिवारी गायब मिले। इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय हाटा मांडा 10.45 बजे बंद मिला। इस पर यहां तैनात प्रधानाध्यापक मनोज सिंह का वेतन रोक दिया गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय हाटा से सहायक शिक्षक वीरेन्द्र प्रताप सिंह अनुपस्थित मिले हैं। बीएसए के मुताबिक सभी का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया है।