कोर्ट ने सपा नेता की ओर से जहरीली शराब कांड में निचली अदालत में चल रही अपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। यह फैसला न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत ने सपा नेता रमाकांत यादव के अधिवक्ता बिपिन कुमार त्रिपाठी और राज्य सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव की दलीलों पर सुनाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के जहरीली शराब कांड में आरोपी समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और आजमगढ़ से विधायक बाहुबली रमाकांत यादव को राहत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने सपा नेता की ओर से जहरीली शराब कांड में निचली अदालत में चल रही अपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। यह फैसला न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत ने सपा नेता रमाकांत यादव के अधिवक्ता बिपिन कुमार त्रिपाठी और राज्य सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव की दलीलों पर सुनाया।
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मामला आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र का है। माहुल कस्बे में 21 फरवरी 2022 को जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के एक दिन बाद 22 फरवरी 2022 को माहुल कस्बे में स्थित देशी शराब के ठेके पर छापा मारकर पुलिस ने चार पेटी मिलावटी शराब बरामद की थी। इस मामले में सपा विधायक रमाकांत यादव का नाम शराब कांड के 14वे आरोपी के रूप में सात महीने बाद शामिल किया गया।
शराब कांड के अभियुक्त रंगेश यादव को सपा नेता का रिश्तेदार बताते हुए उसे संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए आरोप पत्र दाखिल किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर फतेहगढ़ कारागार में निरुद्ध किया गया है। इसी दौरान आजमगढ़ की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने फतेहगढ़ जेल में बंद पूर्व सांसद और सपा के विधायक रमाकांत यादव के खिलाफ आरोप सृजित किया। जिसको सपा नेता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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याची के वकील का कहना था कि शराब कांड में उनका नाम राजनैतिक विद्वेष से सरकार के इशारे पर झूठा शामिल किया गया। वह चार बार सांसद और पांच बार के विधायक है, न कि शराब के ठेकेदार। हालांकि, याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में याची सपा नेता के खिलाफ पर्याप्त सुबूत है, जिसके आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया गया है। कोर्ट ने सपा के कद्दावर नेता बाहुबली रमाकांत यादव की याचिका खारिज कर दी।